Bhopal News: राजा भोज एयरपोर्ट से शुरू हो सकती हैं इंटरनेशनल फ्लाइट्स, दुबई और सिंगापुर के लिए उड़ानें
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होने की संभावना है। खबरों के अनुसार, अक्टूबर 2025 से भोपाल से दुबई, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), और सिंगापुर के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो सकती हैं।
इस पहल को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने भोपाल सहित 13 अंडरयूज्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के लिए एक प्रोत्साहन योजना शुरू की है, जिसमें लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 100% छूट दी जाएगी।

इस योजना से न केवल एयरलाइन कंपनियों को प्रति माह 18-20 लाख रुपये की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को भी कम किराए में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ मिलेगा। यह कदम भोपाल को वैश्विक कनेक्टिविटी के नक्शे पर लाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजा भोज एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की नई शुरुआत
राजा भोज एयरपोर्ट (IATA: BHO, ICAO: VABP), भोपाल का प्राथमिक हवाई अड्डा, मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे व्यस्त और क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यह गांधी नगर में शहर के केंद्र से 15 किमी और भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन से 20 किमी की दूरी पर स्थित है। 1 अक्टूबर 2024 से यह हवाई अड्डा 24*7 संचालित हो रहा है, जिससे कनेक्टिविटी और उड़ान संचालन में लचीलापन बढ़ा है।
हालांकि, राजा भोज एयरपोर्ट वर्तमान में मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों का संचालन करता है, लेकिन इसकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। 13 मार्च 2024 को इसे सीमा शुल्क हवाई अड्डे (कस्टम्स एयरपोर्ट) के रूप में अधिसूचित किया गया था, और 23 दिसंबर 2023 से इसे भारत में प्रवेश और निकास के लिए अधिकृत आव्रजन जांच चौकी (इमिग्रेशन चेकपोस्ट) के रूप में मान्यता दी गई है। इन सुधारों के बाद, अब अक्टूबर 2025 से दुबई और सिंगापुर जैसे गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना है।
AAI की प्रोत्साहन योजना: लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 100% छूट
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट सहित 13 अंडरयूज्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, भोपाल, अगरतला, इंफाल, और वडोदरा जैसे क्लस्टर 1 के हवाई अड्डों पर एयरलाइंस को लैंडिंग शुल्क में 100% छूट दी जाएगी। उदाहरण के लिए, एक एयरबस A320-74 MT के लिए सामान्य लैंडिंग शुल्क 57,129 रुपये है, जो इस योजना के तहत पूरी तरह माफ होगा। इसके अतिरिक्त, यात्री उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) का 10% हिस्सा भी एयरलाइंस को प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा, जिससे प्रति उड़ान लगभग 10,728 रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
AAI के भोपाल हवाई अड्डा निदेशक रामजी अवस्थी ने कहा, "हमारा लक्ष्य इन हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करना और स्थानीय समुदायों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इस प्रोत्साहन योजना से एयरलाइंस को प्रति माह 18-20 लाख रुपये की बचत होगी, जिससे वे कम किराए में उड़ानें संचालित कर सकेंगी।" इस योजना के तहत भोपाल सहित अन्य हवाई अड्डों पर कुल अतिरिक्त राजस्व (लैंडिंग शुल्क बचत और UDF प्रोत्साहन) 5,48,476 रुपये प्रति उड़ान तक हो सकता है, जो एयरलाइंस के लिए एक बड़ा आकर्षण है।
दुबई और सिंगापुर के लिए उड़ानें: क्या है योजना?
सोशल मीडिया और समाचार स्रोतों के अनुसार, राजा भोज एयरपोर्ट से अक्टूबर 2025 से दुबई और सिंगापुर के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना है। वर्तमान में, भोपाल से दुबई के लिए कोई सीधी उड़ान नहीं है, और यात्रियों को दिल्ली, मुंबई, या अहमदाबाद जैसे शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ती हैं। उदाहरण के लिए, इंडिगो एयरलाइंस भोपाल से दुबई के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रदान करती है, जिनका किराया 11,887 रुपये से शुरू होता है, और यात्रा अवधि लगभग 9 घंटे 36 मिनट है।
सिंगापुर के लिए भी अभी कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है, लेकिन नई योजना के तहत सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को समय और धन दोनों की बचत होगी। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस इस रूट पर उड़ानें शुरू करने की संभावना तलाश रही हैं, खासकर AAI की प्रोत्साहन योजना के बाद। कम किराए और सीधी उड़ानों की उपलब्धता से भोपाल के व्यापारियों, पर्यटकों, और छात्रों को विशेष लाभ होगा, जो अक्सर इन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की यात्रा करते हैं।
राजा भोज एयरपोर्ट की सुविधाएं और बुनियादी ढांचा
राजा भोज एयरपोर्ट को 2011 में 135 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए एकीकृत टर्मिनल भवन के साथ आधुनिक बनाया गया था। यह टर्मिनल 26,936 वर्ग मीटर में फैला है और इसमें 14 चेक-इन काउंटर, 4 प्रस्थान के लिए इमिग्रेशन काउंटर, और 6 आगमन के लिए इमिग्रेशन काउंटर शामिल हैं। हवाई अड्डा निम्नलिखित सुविधाओं से लैस है:
- ड्यूटी-फ्री शॉप्स: यात्री कर-मुक्त वस्तुएं जैसे शराब और अन्य सामान खरीद सकते हैं।
- फूड कोर्ट और कैफेटेरिया: यात्रियों के लिए विभिन्न प्रकार के भोजन और पेय उपलब्ध हैं।
- व्हीलचेयर और बुजुर्गों के लिए सहायता: मुफ्त ट्रॉलियां और विशेष सहायता उपलब्ध है।
- लाउंज सेवाएं: प्रीमियम यात्रियों के लिए विशेष लाउंज की सुविधा।
सोलर पावर: 2013 में शुरू किया गया 100 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, जो इसे मध्य प्रदेश का पहला सौर-संचालित हवाई अड्डा बनाता है।
हवाई अड्डे का रनवे 2,744 मीटर लंबा है और यह कैटेगरी II इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) से लैस है, जो कम दृश्यता और खराब मौसम में भी सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करता है। 25 मार्च 2025 को एयर इंडिया का बोइंग 777-300ER विमान यहां उतरा, जिसने हवाई अड्डे की कोड E विमानों को संभालने की क्षमता को प्रदर्शित किया।
यात्रियों के लिए लाभ: कम किराया और बेहतर कनेक्टिविटी
AAI की प्रोत्साहन योजना से एयरलाइंस को होने वाली बचत का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। कम लैंडिंग और पार्किंग शुल्क के कारण एयरलाइंस कम किराए में उड़ानें संचालित कर सकेंगी। उदाहरण के लिए, भोपाल से दुबई के लिए इंडिगो की मौजूदा कनेक्टिंग फ्लाइट्स का किराया 11,887 रुपये से शुरू होता है, लेकिन सीधी उड़ानों की शुरुआत और प्रोत्साहन योजना के बाद यह किराया और कम हो सकता है।
सिंगापुर जैसे गंतव्यों के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों में लंबे लेओवर से बचने का मौका मिलेगा। यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। भोपाल, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों जैसे भीमबेटका गुफाएं, ताज-उल-मस्जिद, और ऊपरी झील के लिए जाना जाता है, अब वैश्विक पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ हो सकता है।
भोपाल को क्या फायदा होगा?
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत से भोपाल की अर्थव्यवस्था को कई तरह से लाभ होगा:
- पर्यटन में वृद्धि: दुबई और सिंगापुर जैसे गंतव्यों से सीधी उड़ानें शुरू होने से भोपाल के पर्यटन स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
- व्यापार और निवेश: मध्य प्रदेश में BHEL और ISRO जैसे प्रमुख उद्योगों की मौजूदगी के कारण भोपाल पहले से ही एक औद्योगिक केंद्र है। सीधी उड़ानें व्यापारियों और निवेशकों के लिए यात्रा को आसान बनाएंगी।
- रोजगार के अवसर: हवाई अड्डे पर बढ़ते यात्री और कार्गो ट्रैफिक से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। AAI ने पहले ही 17 एकड़ में एक नया एयर कार्गो हब विकसित करने की योजना बनाई है।
- शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान: सिंगापुर जैसे शिक्षा और प्रौद्योगिकी केंद्रों से सीधी कनेक्टिविटी से भोपाल के छात्रों और पेशेवरों को लाभ होगा।
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। वर्तमान में राजा भोज एयरपोर्ट का टर्मिनल छोटा है, और बढ़ते यात्री ट्रैफिक को संभालने के लिए इसे और विस्तार करने की जरूरत है। AAI ने हवाई अड्डे के मास्टरप्लान को अंतिम रूप दे दिया है, जो 2047 तक तीन चरणों में लागू होगा। पहले चरण में टर्मिनल विस्तार और हवाई यातायात नियंत्रण प्रणालियों को उन्नत किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में नए टैक्सीवे और टर्मिनल विस्तार शामिल होंगे।
इसके अलावा, एयरलाइंस की रुचि बनाए रखने के लिए AAI को प्रोत्साहन योजना को लंबे समय तक लागू रखना होगा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल जैसे छोटे हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग सीमित हो सकती है, जिसके लिए मार्केटिंग और प्रचार की जरूरत होगी।












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