Bhopal News: भोपाल नगर निगम ट्रक में मिली गोवंश, कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध, जांच जारी
भोपाल नगर निगम के ट्रकों में गोवंश भरकर ले जाने के मामले में अब तक की जांच में निगम कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। प्रश्न उठ रहा है कि कर्मचारियों ने देर रात गौशाला में गोवंश क्यों छोड़ा और ट्रकों में एक ही उम्र के बछड़े क्यों थे। इन बिंदुओं के ईर्द-गिर्द जांच की जा रही है।
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पुष्टि की है कि एक विशेष कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच में सभी संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की गहराई से समीक्षा की जाएगी।

जांच कमेटी ने बुधवार को भी पूछताछ जारी रखी। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने निगम कमिश्नर हरेंद्र नारायण यादव और अन्य अफसरों से मामले की जानकारी प्राप्त की। बजरंग दल के भोपाल विभाग सह-संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने बताया कि उन्होंने निगम कमिश्नर से बात की है और जांच कमेटी के आधार पर उचित निर्णय लेने की बात की गई है। वह इस मामले पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
गौ-तस्करी का मामला: एफआईआर की मांग
गोरक्षा प्रमुख पुराना भोपाल, विनोद जोहरे ने मामले को गौ-तस्करी का आरोपित करार दिया और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटनाक्रम का विवरण
रविवार रात गोरक्षकों ने नगर निगम के दो ट्रकों को पकड़ा था, जिनमें बछड़े भरकर ले जाए जा रहे थे। आदमपुर खंती के पास पकड़े गए इन ट्रकों में डेढ़ से तीन साल तक के बछड़े थे। बजरंग दल के जिला संयोजक उपेंद्र शर्मा और गोरक्षा प्रमुख विनोद जोहरे ने बिलखरिया थाने पर पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि इन बछड़ों को या तो इंसीनरेटर में जलाने के लिए लाया गया था या फिर बड़ी गाड़ी के जरिए स्लॉटर हाउस भेजने की तैयारी थी। इस अनोखे तस्करी मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। मौके पर पहुंचे निगम के एडीसी रणवीर सिंह ने गौशाला में पशुओं को शिफ्ट करने की बात की है।












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