इंटरनेशनल स्कूल की घटना को लेकर CM शिवराज एक्शन में, सुबह 7 बजे ही ले ली अधिकारियों की क्लास
भोपाल के इंटरनेशनल स्कूल में 3 साल की मासूम के साथ हुए दुष्कर्म की घटना लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी सख्त दिखाई दे रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने आज निवास पर सुबह 7 बजे आपात बैठक बुलाई
भोपाल,15 सितंबर। राजधानी के इंटरनेशनल स्कूल में 3 साल की मासूम के साथ हुए दुष्कर्म की घटना लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी सख्त दिखाई दे रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने आज निवास पर सुबह 7 बजे आपात बैठक बुलाई और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल के एक निजी स्कूल की बस में बेटी के साथ हुआ दुष्कृत्य विश्वास को हिला देने वाली घटना है।माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे पर स्कूल भेजते हैं, यह भरोसा बनाए रखना स्कूल प्रबंधन का दायित्व है। दोषी ड्रायवर और आया के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

लोगों को यह विश्वास हो कि सरकार है तो अपराधी छूटेंगे नहीं
सीएम ने कहा कि यह विश्वास मजबूत होना चाहिए कि सरकार है तो अपराधी छूटेंगे नहीं, निश्चित समय में कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि प्रबंधन अपनी जवाबदारी और दायित्व समझे। भोपाल के सभी स्कूलों के ड्रायवरों तथा बसों में चलने वाले स्टाफ का परीक्षण हो। अपराधी रिकॉर्ड और चारित्रिक रूप से दोषी व्यक्तियों को ना रखा जाए। इस स्टाफ के प्रशिक्षण और कानूनी प्रावधानों के संबंध में कार्यशाला आयोजित की जाएं। इसके साथ ही बच्चों और पालकों में पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के संबंध में जागरूकता और जानकारी पर केन्द्रित प्रशिक्षण सभी शासकीय और निजी शालाओं में आयोजित किए जाएं। पुलिस भी पालकों और समाज के साथ प्रभावी तरीके से इस विषय पर संवाद करें।

स्कूल स्टाफ का हो वेरिफिकेशन
मुख्यमंत्री शिवराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल बसों में चलने वाले स्टाफ का वेरिफिकेशन हो और ये स्कूल प्रबंधन की जवाबदारी है। बच्चों को हम दरिंदों के हवाले नहीं छोड़ सकते। बस में CCTV कैमरे काम क्यों नहीं कर रहे थे, यह स्कूल प्रबंधन को देखना चाहिए था। यह स्कूल प्रबंधन का दायित्व है। समाज में यह संदेश नहीं जाए कि प्रभावशाली व्यक्तियों पर कार्रवाई नहीं होगी।

पड़ोसी राज्यों से पशुओं का प्रवेश रोका जाए : CM
सीएम शिवराज ने कहा है कि प्रदेश में लम्पी वायरस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। इसको फैलने से रोकने के लिए हर स्तर पर आवश्यक प्रयास करें। पड़ोसी राज्यों से पशुओं का प्रवेश रोका जाए। संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक टीकों की कमी नहीं आनी चाहिए। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पशुओं को आयसोलेट करने तथा अन्य उपायों के संबंध में पशुपालकों को जागरूक भी करें। सभी जिलों में वायरस की स्थिति और बचाव के उपायों पर समीक्षा की जाए।

भिंड, मुरैना और श्योपुर में लम्पी वायरस के मामले आए सामने
सीएम हाउस में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब तक 3 हजार 314 पशु लम्पी वायरस से प्रभावित हैं। इसमें 2 हजार 742 पशु स्वस्थ हो गए हैं और 38 की मृत्यु हुई। संक्रमण से बचाव के लिए अब तक 1 लाख 49 हजार 530 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं। भिंड, मुरैना और श्योपुर में लम्पी वायरस के मामले सामने आए हैं। वहां आवश्यक प्रबंध किए जा रहे है।
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