Bhopal News: बारात में शामिल होने आए मौसेरे भाई-बहन स्वागत मैरिज गार्डन के स्विमिंग पूल में डूबे
Bhopal News: भोपाल के कोहेफिजा इलाके में मैरिज गार्डन और बड़ों की लापरवाही की दो मासूम बच्चों को चुकानी पड़ी। दरअसल, स्वागत मैरिज गार्डन में मोसेरे भाई-बहन स्विमिंग पूल में डूब गए। जिसमें 5 साल के मासूम की मौके परी मौत हो गई, जबकि 7 साल की बच्ची वेंटिलेटर पर है। उसका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे भोपाल में बारात में शामिल होने के लिए उज्जैन से आए थे। बारातियों का स्वागत सम्मान एयरपोर्ट रोड स्थित स्वागत मैरिज गार्डन में रखा गया था। इसके बाद शादी का कार्यक्रम गुलशन गार्डन में होना था।

परिवार वाले बारात के लिए तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक बच्चों की स्विमिंग पूल में डूबने की खबर सामने आई। इसके बाद बरातियों में हड़कंप मच गया।
परिजनों के अनुसार बारात के लिए सभी तैयार हो रहे थे तभी बच्चे स्विमिंग पूल की ओर चले गए। बच्चों के नाना ने मैरिज गार्डन के मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाया है उन्होंने कहा कि जब बारात आती है तो गार्डन वाले को पानी खाली करना चाहिए और ना ही स्विमिंग पूल के चारों तरफ कोई बाउंड्री वॉल है। फिलहाल पुलिस मैरिज गार्डन में स्विमिंग पूल को लेकर जांच पड़ताल कर रही है।
ASI शोभाराम वर्मा ने बताया कि बारात चलने को तैयार हुई तो दोनों की तलाश हुई, तभी किसी ने बताया कि बच्चे स्वीमिंग पूल में हैं। परिजन दौड़कर पहुंचे तो दोनों पूल में डूबे मिले। दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक कामिल की मौत हो चुकी थी। कामिल पिता मुस्तकीम दौसखाना (उज्जैन) का रहने वाला था। बेबी लीजा उसके मौसा शाजापुर निवासी मोहम्मद सादिक की बेटी है।
मैरिज गार्डन में पूल की तरफ अंधेरा था
बच्चे के नाना मोहम्मद फीरोज ने बताया कि कामिल उनकी भांजी का लड़का था। हादसे की वजह स्वागत मैरिज गार्डन वालों की लापरवाही है। स्वीमिंग पूल पूरा भरा हुआ था। इसे खाली कराया जाना चाहिए था। बाउंड्रीवॉल तक नहीं थी। पूल की तरफ अंधेरा था। वहां गार्ड तक का इंतजाम नहीं किया गया था।
परिजनोंं बताया कि कामिल ने इसी साल नर्सरी के एग्जाम दिए थे। पिता ऑटो डील का काम करते हैं। हादसे के समय चेन्नई में थे। कामिल से एक छोटा भाई भी है। हादसे के बाद से उसकी मां का हाल बहुत खराब है। वह मां के साथ बारात में आया था।
बिल्डिंग के नक्शे में स्वीमिंग पूल है या नहीं, इस पर जांच होगी
कोहेफिजा थाना प्रभारी बृजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन के अनुसार, पूल की अलग से मंजूरी नहीं होती, बल्कि इसे बिल्डिंग परमिशन के नक्शे में दिखाया जाता है। जांच की जा रही है कि नक्शे में स्वीमिंग पूल दिखाया गया था या नहीं।












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