RCB की विक्ट्री परेड में भगदड़ क्यों मची? जानिए हादसे की असली वजह, चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुआ क्या था?
RCB Victory Parade Stampede Reason: रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु (RCB) की पहली आईपीएल जीत के बाद जश्न की तैयारी कर रहे हजारों प्रशंसकों के लिए 4 जून 2025 (बुधवार) का दिन दर्दनाक हादसे में बदल गया। बंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर आरसीबी की विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा घायल हो गए हैं। इनमें से दो की हालत नाजुक बनी हुई है और ICU में भर्ती हैं।
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हरिप्रसाद बीके ने बुधवार को बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB की विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। हादसे को बेहद चौंकाने वाला और दुखद बताते हुए उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस हादसे में महिलाओं समेत 11 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज की मांग करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। इस घटना ने पूरे कर्नाटक को झकझोर कर रख दिया है और RCB के ऐतिहासिक जश्न को मातम में बदल दिया है।

RCB Parade Stampede: RCB की विक्ट्री परेड में भगदड़ मचने की वजह?
RCB की ऐतिहासिक जीत के जश्न में शामिल होने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर सुबह से ही हजारों की भीड़ जमा हो गई थी। जैसे ही परेड शुरू होने की सूचना मिली, लोग एक साथ कई गेटों की ओर दौड़ पड़े। भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम पुलिस ने जब हल्का लाठीचार्ज किया, तो अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान कई लोग कुचल गए और सांस रुकने से मौके पर ही कई की मौत हो गई।

चिन्नास्वामी स्टेडियम अंदर भी मचा था हंगामा
स्टेडियम के अंदर भी स्थिति चिंताजनक थी। एक महिला प्रशंसक ने बताया कि, "सीटें पहले से भर चुकी थीं। हमें अंदर घुसने नहीं दिया गया और बाहर जाने की भी अनुमति नहीं थी। गेट पर हजारों लोग फंसे हुए थे, जिससे कई लोग घायल हो गए।"

अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री, माफी मांगी डिप्टी सीएम ने
हादसे की खबर मिलते ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बॉरिंग और लेडी कर्जन अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। वहीं डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, "हम बेंगलुरु और कर्नाटक के लोगों से माफी मांगते हैं। हम एक शांतिपूर्ण परेड चाहते थे, लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई।"
जांच के आदेश, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी साबित हुए
पुलिस ने अब तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। सरकार ने इस भीषण हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही भीड़ प्रबंधन में हुई चूक की भी समीक्षा की जाएगी। हालांकि कार्यक्रम के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन भारी भीड़ और खराब योजना के चलते हालात बेकाबू हो गए। विधान सौधा के पास और गेटों पर लाठीचार्ज की नौबत आ गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।












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