शर्मनाक: मजबूरी और बेबसी से जूझ रहा था परिवार, मासूम छात्र ने 'तालिबानी सजा' भुगतकर चुकाई क़ीमत
मात्र 2 महीने की स्कूल फीस न जमा कर पाने की ऐसी सजा इस मासूम छात्र को दी गई है, जिसे सुनकर और देखकर आप हैरान हो जाएंगे। साथ ही यह सवाल भी जरूर मन में आएगा कि ऐसे हैवानों के लिए कानून में कौनसी सजा मुक़र्रर की गई है।

यूपी के बागपत जनपद में एक स्कूल की शर्मनाक करतूत सामने आई हैं। जहां स्कूल की फीस न भरने के कारण स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्र का सिर मुंडवा कर उसका मुंडन करा दिया गया हैं। इस घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ़ जमकर प्रदर्शन करते हुए पुलिस से शिकायत कर दी हैं।
शिक्षकों ने ट्रिमर से छात्र का आधा सिर मुंडवाया
दरअसल बागपत क्षेत्र के मेरठ-रोड स्तिथ होली चाइल्ड एकेडमी पर आरोप हैं कि स्कूल प्रबंधन द्वारा कक्षा 6 में पढ़ने वाले एक छात्र का अध्यापकों द्वारा ट्रिमर से मुंडन कर दिया गया। छात्र और उसके परिजनों के मुताबिक 2 माह की फीस जमा न कर पाने के कारण स्कूल द्वारा उसके आधे बालों को काटा गया हैं। जिसकी शिकायत छात्र ने अपने परिजनों से की।

बाल काटने पर परिजनों ने किया हंगामा
वहीं छात्र के बाल काटने से परिजन आक्रोशित हो गए और स्कूल पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान परिजनों का हंगामा देखते हुए मौके पर पुलिस भी बुला ली गई। जहां परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने बच्चों के भी बयान दर्ज किए गए। बच्चो ने बताया कि उनकी फीस जमा नही हो पाई थी। जिसके चलते शिक्षकों द्वारा यह कृत्य किया गया हैं।
भाई घायल था तो नही जमा कर सके फ़ीस
छात्र के पिता निशांत के मुताबिक 4 साल से उनके बच्चे इसी स्कूल में पढ़ रहे हैं। लेकिन 2 माह पूर्व उनके भाई का एक्सीडेंट हुआ था। जिसके चलते घायल भाई का इलाज चल रहा था और इस दौरान उनकी आर्थिक स्तिथि भी ठीक नही चल रही थी। इसलिए वह अपने कक्षा 6 में पढ़ने वाले बेटे की फीस जमा नही कर पाए थे। लेकिन स्कूल प्रबंधन उनके बेटे के साथ ये सलूक करेगा उन्हें यह अंदाजा नही था।

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अन्य छात्रों के भी काटे गए बाल
इतना ही नहीं बल्कि स्कूल के बाकी छात्रों ने भी स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाया हैं कि स्कूल में तानाशाही रवैया अपनाया जाता हैं। कई छात्रों के बाल ज्यादा बढ़े होते ही उनके आधे बाल काट दिए जाते हैं। हालाकि अन्य छात्रों के परिजन तो अभी तक खुलकर सामने नही आए। लेकिन छात्रों ने इसकी शिकायत की हैं।












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