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Azamgarh News:पिता की तेरहवीं के दिन बेटों ने किया ऐसा काम, पूरे जिले में हो रही तारीफ

Azamgarh में पिता की तेरहवीं के दिन छात्राओं को बांटी गई साइकिल, ग्रामीणों द्वारा की जा रही तारीफ
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Azamgarh में पिता का देहांत हो जाने के बाद तेरहवीं के दिन पुत्रों द्वारा तेरहवीं के कार्यक्रम को सीमित करते हुए छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। बेटों और परिवार वालों द्वारा किए गए इस नई पहल की चर्चा लालगंज क्षेत्र में जोरों पर चल रही है। लोगों का कहना है कि तेरहवीं की जगह इस तरह के कार्य किये जाने से कई लोगों का भला हो सकता है। गांव ही नहीं वरन् जहां भी जो कोई इसे सुन रहा है वह तारीफ करते नहीं थक रहा है। वहीं पुत्रों का कहना है कि इससे उनके पिताजी की आत्मा को शांति मिलेगी।

7 अक्टूबर को हुआ था निधन

7 अक्टूबर को हुआ था निधन

दरअसल आजमगढ़ जिले के लालगंज इलाके के अंतर्गत रामचंद्रपुर गांव के रहने वाले केदार प्रजापति का बीते 7 अक्टूबर को निधन हो गया था। निधन हो जाने के बाद हिंदू रीति रिवाज के साथ सभी क्रिया कर्म को उनके पुत्रों और परिजनों द्वारा किया गया। तेरहवीं कार्यक्रम के दिन केदार प्रजापति के परिवार के दुर्गा प्रसाद, श्यामू प्रजापति, रामू प्रजापति और गोलू प्रजापति आदि ने विचार किया कि तेरहवीं को सीमित कर दिया जाए। तेरहवीं सीमित करने से जो रुपए बचेंगे उन रुपयों से गरीब होनहार छात्र-छात्राओं को साइकिल वितरित किया जाएगा।

साइकिल पाकर खुश हुई छात्राएं

साइकिल पाकर खुश हुई छात्राएं

मृतक केदार प्रजापति के परिवार और उनके बेटों द्वारा चार होनहार विद्यार्थियों का चयन किया गया उसके बाद देवगांव के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्याम कन्हैया यादव के हाथों अगेहता गांव की अर्चना कश्यप, तरौली गांव की अंजलि, मोजनी निवासी नीलिमा चौहान और रामचंद्रपुर गांव निवासी राहुल कुमार आदि छात्र छात्राओं को साईकिल वितरित कराई गई। साइकिल मिलने के बाद छात्र और छात्राएं काफी खुश और उत्साहित नजर आए।

कॉलेज आने जाने में होगी आसानी

कॉलेज आने जाने में होगी आसानी

साइकिल मिलने के बाद छात्र-छात्राओं ने कहा कि साइकिल न होने के चलते उनको पैदल ही विद्यालय जाना पड़ता था। साइकिल मिल जाने के बाद उनको कालेज जाने में काफी आसानी होगी और उनकी पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी। वहीं इस बारे में ग्रामीणों ने बताया कि यह काम वाकई काबिले तारीफ है, अभी तक पूरे इलाके में किसी के द्वारा इस तरह का कोई कार्य नहीं किया गया था। तेरहवीं भोज में भोजन करने के बाद लोग भूल जाते हैं, लेकिन मृतक केदार प्रजापति के पुत्रों द्वारा जो कार्य किया गया है वह सराहनीय है। लोगों ने यह भी कहा कि नय पहल को अन्‍य लोगों द्वारा भी अमल में लाया जाना चाहिए।

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English summary
father thirteenth in Azamgarh, son distributed cycles to student
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