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अहमदाबाद: 173 फीट ऊंचे पिराना पर्वत के कचरे को एयरपोर्ट बनाने में इस्तेमाल करेंगे, गंदगी दूर होगी

अहमदाबाद। गुजरात में 173 फीट ऊंचे पिराना पर्वत पर जमा मलबे-कचरे से अब निजात मिल सकती है। धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड (DIACL) ने इस पर्वत के कचरे का उपयोग एयरपोर्ट बनाने में इस्तेमाल करने की बात कही है। कंपनी के मुताबिक, इस मलबे-मिट्टी से धोलेरा स्थित हवाई अड्डा स्थल को समतल किया जा सकता है। कंपनी के इस प्रस्ताव पर अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने खुशी व्य​क्त की है। बता दें कि, बढ़ते प्रदूषण को काबू करने के लिए नगर निगम पिराना लैंडफिल से अलग किए गए कचरे के निपटान के तरीके खोज रहा है। वहीं, एनजीटी भी नगर निगम को एक साल में इस दुर्गंधभरे पहाड़ से छुटकारा दिलाने के आदेश दे चुका है।

बस्तियों की पर्यावरणीय दिक्कतें दूर हो जाएंगी

बस्तियों की पर्यावरणीय दिक्कतें दूर हो जाएंगी

ऐसे में धोलेरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड द्वारा पिराना वाले कचरे को उठाने की बात करना राहत भरा है। ऐसा होने पर पिराना के आसपास की बसावट की पर्यावरणीय दिक्कतें दूर हो जाएंगी। लोगों अच्छे वातावरण में सांस ले पाएंगे।

मलबे-मिट्टी को हवाई अड्डे की साइट को समतल करने में लगाएंगे

मलबे-मिट्टी को हवाई अड्डे की साइट को समतल करने में लगाएंगे

कंपनी का कहना है कि पिराना पर्वत के कचरे का उपयोग धोलेरा हवाई अड्डे के गड्ढे भरने में होगा। बाद में लैंटर बनेगा और फिर बढ़िया रनवे तैयार हो जाएगा। जिससे विमान सुचारू रूप से लैंडिंग कर सकेंगे। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आईआईटी गांधीनगर को इस बारे में व्यवहार्यता रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। आईआईटी से पूछा गया है कि क्या मलबे-मिट्टी का मिश्रण हवाई अड्डे की साइट को समतल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

पीएमसीए और आईआईटी गांधीनगर से मांगी गई है जानकारी

पीएमसीए और आईआईटी गांधीनगर से मांगी गई है जानकारी

डीआईएसीएल के महाप्रबंधक अमित चावड़ा ने कहा कि, "हम पीएमसीए से एयरपोर्ट स्थल पर समतल भूमि पर निर्माण मलबे और कचरें का उपयोग करने के लिए एएमसी के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमें धोलेरा में एयरपोर्ट की भूमि को समतल करने के लिए भारी मात्रा में मलबे की आवश्यकता है।

'नगर निगम कितनी मात्रा में मलबा-मिट्टी उपलब्ध करा पाएगा'

'नगर निगम कितनी मात्रा में मलबा-मिट्टी उपलब्ध करा पाएगा'

"हम वहां जमीन को समतल करने के लिए निर्माण मलबे के उपयोग की संभावना तलाश रहे हैं। हमने आईआईटी गांधीनगर से अनुरोध किया है कि पिराना से धोलेरा तक सामग्री परिवहन के लिये कितना खर्च होगा, उसका पता लगाने के लिए स्टडी करें। यह भी पूछा गया है कि अहमदाबाद नगर निगम कितनी मात्रा में मलबा-मिट्टी उपलब्ध करा पाएगा।"

हवाई अड्डे को समतल करने में 70 लाख मीट्रिक टन मिट्टी चाहिए

हवाई अड्डे को समतल करने में 70 लाख मीट्रिक टन मिट्टी चाहिए

शहरी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि धोलेरा को हवाई अड्डे की साइट को समतल करने के लिए कम से कम 70 लाख मीट्रिक टन (एमटी) सामग्री की आवश्यकता होगी। जमीन के समतल होने के बाद ही हवाई अड्डे का निर्माण शुरू हो सकता है।

क्या-क्या है पिराना पर्वत के मलबे-मिट्टी में?

क्या-क्या है पिराना पर्वत के मलबे-मिट्टी में?

नगर निगम वर्तमान में पिराना से प्रति दिन 2,400 मीट्रिक टन मिश्रित कचरे के आठ ट्रॉमेल मशीनों का उपयोग करके अलग करती है। इस कचरे में 65% निर्माण सामग्री, 35% मलबा और 30% कीचड़ है।

एक दिन में 8,000 मीट्रिक टन मलबा-मिट्टी का उपयोग

एक दिन में 8,000 मीट्रिक टन मलबा-मिट्टी का उपयोग

नगर निगम वर्तमान में एक दिन में 1,560 मीट्रिक टन मलबा-मिट्टी जुटा रहा है, इसके लिये 8 से 40 तक ट्रॉमेल मशीनों की संख्या को बढ़ाने की योजना बना रहा है। हालांकि, नागरिक निकाय एक दिन में 8,000 मीट्रिक टन मिट्टी-मलबे दे सकेगा, ऐसा अंदाजा है। नगर निगम अपने पेवर ब्लॉक बनाने वाले संयंत्र में निकाले गए मलबे का उपयोग कर रहा है, जबकि मिट्टी का उपयोग उर्वरक का उत्पादन करने के लिए किया जाता है। पिराना साइट को पुनः प्राप्त करने के लिए मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।

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