बिल चाहिए तो अश्वनी-बंसल की बलि दो:सुषमा
नयी दिल्ली। कांग्रेस सरकार के दो मंत्री इन दिनों उसके लिए मुसीबत बने हुए है। कोल ब्लाक की रिपोर्ट में ताक-झांक को लेकर कानून मंत्री अश्वनी कुमार और रेलवे घूसकांड को लेकर पवन बंसल इन दोनों विपक्ष के निशाने पर है। वहीं भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी कांग्रेस सरकार इस घेरे से बाहर आने के लिए खाद्य सुरक्षा विधेयक को ढाल बना रही। कल बारी हंगामें के बीच ही सरकार ने खाद्य सुरक्षा बिल संसद में पेश कर लिया।
कांग्रेस सरकार की इस नीति पर विपक्षी पार्टी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून मंत्री अश्विनी कुमार और रेल मंत्री पवन बंसल के इस्तीफे से पहले कोई विधेयक पारित नहीं हो सकता है।

दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने संयुक्त बयान जारी कर दोनों मंत्रियों के भ्रष्टाचार गिनाए। सुषमा ने यह संकेत दिया कि सरकार चुनावी लिहाज से अहम मान रही खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित कराना चाहती है तो दोनों मंत्रियों की बलि देनी होगी।
बीजेपी ने कहा कि अगर सोनिया गांधी को दोनों विदेयक पास कराने है तो उन्हें इन दोनों मंक्षियों की बलि देनी ही होगी। मंत्रियों के इस्तीफे के बिना विधेयक पेश होने का सवाल ही नहीं उठता। लोकसभा में खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित कराने की कोशिशों को नाकाम करने के बाद बीजेपी ने चेतावनी के स्वर में आगाह कर दिया कि पहले मंत्रियों को बर्खास्त करें। फिर भाजपा भी दोनों विधेयकों के पक्ष में है। शोरशराबे में खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित कराने की कोशिश पर आपत्ति जताते हुए सुषमा ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचारी और अत्याचारी दोनों हो गई है। यह पहले ही फैसला हो गया था कि कोई भी विधेयक शोर शराबे में पारित नहीं कराया जाएगा।












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