2जी और कोयला के बाद अब समुद्र के अंदर घोटाला

ये कंपनियां खनन मंत्रालय में ऊंचे पद पर रहे एक अधिकारी के परिजनों की हैं। सीबीआई ने इस घोटाले में प्राथमिक जांच कर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 28 ब्लॉक चार कंपनियों को आवंटित किए गए थे। ये कंपनियां इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज के पूर्व अधिकारी के बेटे और भाई की हैं। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि ये कंपनियां आवंटन की शर्तों को पूरा नहीं करती है, इसके बावजूद इन्हें ब्लॉक दिए गए।
सूत्रों के अनुसार इन चारों कंपनियों के मालिकों के संबंध हथियारों के दलाल अभिषेक वर्मा से भी हैं। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में नागपुर स्थित केंद्रीय खनन ब्यूरों और केंद्रीय खान मंत्रालय में कुछ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। आपको बता दें कि समुद्र के अंदर से खनिजों को निकालने के लिए खान मंत्रालय ने 2010 में 62 ब्लॉकों के लिए टेंडर जारी किए थे।
इस आवंटन के लिए कुछ 377 कंपनियों ने आवेदन किया था। ये सारे आवंटन खान ब्यूरों के द्वारा किया गया। आवंटन में हुई अनियमितता का कुछ कंपनियों ने विरोध किया। मुंबई और हैदराबाद हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया। हाईकोर्ट ने पूरी आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगा दी, और सीबीआई को जांच का आदेश दे दिया।












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