कोर्ट ने माना, जो प्यार करते हैं उनका दिमाग काम नहीं करता

अदालत ने उसपर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने युवक को रिहा करने के दौरान अंग्रेज लेखक लॉर्ड कोहेन की पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा, "कोई प्यार करे और विवेक भी काम करे ऐसा नहीं हो सकता।" एएसजे भट ने कहा, "आदमी प्यार में पागल हो जाता है और उससे तार्किक तरीके से सोचने की अपेक्षा नहीं की जा सकती।" उन्होंने कहा कि दोषी की त्रासदी और परिस्थितियों को बहुत अच्छी तरह समझा जा सकता है।
अदालत लड़की के साथ युवक के भागने का उल्लेख कर रही थी। उसने लड़की के कहने पर मान लिया कि वह नाबालिग नहीं है और इसने उसे मुसीबत में डाल दिया। अदालत ने कहा, "रिकार्ड से यह स्पष्ट है कि दोषी और लड़की एक दूसरे से प्यार करते थे और दरअसल लड़की ने ही जोर दिया था कि वह उसके साथ भागकर शादी करे।"












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