तख्ता पलट से डरे जरदारी ने मांगी थी अमेरिकी मदद

पाकिस्तान राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी अमेरिकी व्यवसायी मंसूर एजाज के द्वारा अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ के चेयरमैन माइक मुलेन को एक गुप्त ज्ञापन भेजा था। इस बात का खुलासा मंसूर एजाज ने ही किया है। उन्होंने फाइनेंसियल टाइम्स में लिखे एक लेख में यह दावा किया है कि जरदारी ने यह ज्ञापन पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी से तैयार करवाया था। जिसके तहत वे अमेरिका की मदद पाकिस्तान में एक नया सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहते थे। यह सुरक्षा ढ़ाचा इसलिए तैयार किया जाना था कि वहां की सेना सरकार का तख्ता पलट न कर सके।
जरदारी ने जो मसौदार तैयार करके अमेरिका को भेजा था उसमें आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच सीधे संबंध की बात भी उन्होंने स्वीकार की थी। इस दौरान भारत ने भी अमेरिका से यह अपील की थी कि वह पाकिस्तान के उन आतंकियों को भारत को सौंपनें में मदद कराए जो मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी रहे हैं। इस बात को लेकर अमेरिका ने भी पाकिस्तान पर दबाव बनाया था। जिसके बाद जरदारी ने आतंकियों को भारत को सौंपने में हामी भर दी थी। गौरतलब है कि ओसामा के पाक में पाए जाने के बाद वहां की सेना में जरदारी के खिलाफ रोष पैदा हो गया था। उस समय जरदारी को डर था कि वहां की सेना उनकी सरकार का तख्ता पलट कर सकती है।












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