परमाणु वार्ता के लिए पश्चिम का प्रस्ताव एक धोखा : लारिजानी
लारिजानी ने समाचार एजेंसी 'मेहर' के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "पश्चिमी देश, खासतौर से अमेरिका, एक मिथ्या मार्ग पर चल रहे हैं।" यह साक्षात्कार रविवार को प्रकाशित हुआ है।
लारिजानी ने कहा है, "एक तरफ उन्होंने ईरान के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विरोधी रवैया अपनाया है, वहीं दूसरी ओर वे बातचीत का प्रस्ताव देकर कूटनीति भी करना चाह रहे हैं।"
बातचीत के लिए ईरान की शर्तो के बारे में पूछे जाने पर लारिजानी ने कहा कि बातचीत खास दायरे में तथा पूर्व में हुई बातचीत से अलग तरीके से होनी चाहिए।
लारिजानी ने कहा कि ईरान की प्राथमिकता फिलहाल अपनी परमाणु प्रौद्योगिकी में सुधार करना और परमाणु गतिविधियों में तेजी लाना है।
लारिजानी ने कहा, "लेकिन यदि पश्चिमी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रति अपनी आक्रामक दृष्टि अपनाते हैं, तो तेहरान ईरानी संसद द्वारा पारित योजनाओं की तर्ज पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करेगा।"
लारिजानी ने कहा, "संसद ने कानून पारित किया है कि प्रशासन 20 प्रतिशत स्तर तक यूरेनियम का संवर्धन जारी रखेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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