सोरेन के खिलाफ याचिका दायर
कहा गया है कि बगैर विधायक बने सोरेन को बार-बार मुख्यमंत्री का शपथ दिलाए जाने से संविधान का खुला दुरुपयोग हुआ है।
याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक पार्टियों की सुविधा के लिए संविधान के अनुच्छेद 164 (4) का बार-बार दुरुपयोग हुआ है।
याची देव आशीष भट्टाचार्य ने कहा कि वर्ष 2000 से झारखण्ड में आठ मुख्यमंत्री बने हैं। और अर्जुन मुंडा और मधु कोड़ा को छोड़ कर बाकी छह ऐसे नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया गया, जो कि विधानसभा के सदस्य नहीं थे।
अनुच्छेद 164 (4) यह व्यवस्था प्रदान करता है कि लगातार छह महीनों के लिए बगैर विधानसभा का सदस्य रहे मुख्यमंत्री या मंत्री बन सकता है।
याची ने कहा है कि शिबू सोरेन के मामले में तीनों बार वह ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री बने हैं, जब वह विधानसभा के सदस्य नहीं रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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