कसाब को मिले सजा-ए-मौत

वहीं दूसरी ओर लंच ब्रेक से पहले चली जिरह में सरकारी पक्ष ने कसाब को किलिंग मशीन कहा है। सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कसाब को फांसी की सजा देने की मांग की है।
जबकि बचाव पक्ष की जिरह होना अभी बाकी है। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कसाब को दोषी करार दिया था जिसके बाद कहा गया था कि मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी। कसाब को देश के खिलाफ जंग छेड़ने आदि के आरोपों में दोषी पाए जाने के निर्णय के बाद सजा पर विचार किया जाना था।
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कसाब के मामले में निर्णय का देश ही नहीं दुनियाभर के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सोमवार को दोपहर में जब कसाब को अदालत ने दोषी ठहराया तो उन चेहरों में मुस्कुराहट दिखी जिनके परिजन कसाब और उसके साथियों की गोली का शिकार हुए थे। वहीं, परिजनों को खोने का गम ताजा होने से आंखें भी छलक आईं। लोगों ने कहा कि कसाब को मौत से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है।
उधर, कसाब के गांव के लोग भी टीवी के सामने ही चिपके रहे। कसाब को क्या सजा दी जाए इसके बारे में अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। मुंबई हमले के प्रमुख आरोपी अजमल कसाब की सुरक्षा और सेहत पर सरकार ने अब तक 31 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं।
पिछले लगभग डेढ़ साल में सरकार ने कसाब के पीछे पैसा पानी की तरह बहाया है। इस हिसाब से कसाब पर सरकार के प्रतिदिन लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। कसाब को किसी बड़े हमले से बचाने और तोड़फोड़ होने की संभावना में उसे सुरक्षित रखने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने आर्थर जेल में उच्च सुरक्षा सेल का निर्माण किया है। इस सेल का नाम अंडा सेल है और इसके निर्माण में सकार के 5.2 करोड़ रुपए लग गए हैं। इसकी दीवारें स्टील की हैं।












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