ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक प्रक्रिया से जोड़ें : आनंद शर्मा
उन्होंने कहा कि यदि हमें समावेशित तथा समान वृद्धि सुनिश्चित करना है तो ग्रामीण क्षेत्रों को उन आर्थिक प्रक्रियाओं से जोड़ना होगा जो हमारे देश में तेजी के साथ बदलाव ला रही हैं। इस सम्मेलन का आयोजन वाणिज्य विभाग के सहयोग से फिक्की द्वारा किया गया है।
शर्मा ने कहा कि वाणिज्य विभाग नियमित तौर पर निर्यात संवर्धन परिषद को सहायता देता है और इसने अपना ध्यान ग्रामीण क्षेत्र जैसे हथकरघा वस्त्र निर्यात संवर्धन परिषद, कारपेट ईपीसी, हस्तशिल्प, खादी और ग्रामीण उद्योग और स्वयं रोजगार में लगे महिला समिति (सेवा) के लिए निर्यात संवर्धन परिषद इत्यादि की सहायता में लगा रखा है।
वाणिज्य विभाग का उद्देश्य ग्रामीण विकास मंत्रालय, जनजातीय मामले मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय इत्यादि के साथ गठबंधन करता है ताकि आने वाले वर्षो में निरंतर बाजार संवर्धन तथा बाजार पहुंच के जरिए ग्रामीण उद्यमों के लिए निर्यात अवसर उपलब्ध हो सकें।
ग्रामीण व्यापार को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य विभाग द्वारा जो कदम उठाए जा रहे हैं उनके बारे में जानकारी देते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि विदेश व्यापार नीति, 2010-2014 के तहत वैश्विक व्यापार तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण उद्योग, हथकरघा, हस्तशिल्प, चमड़ा तथा जूते और पूर्वोत्तर राज्यों से निर्यात इत्यादि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर शर्मा ने बताया कि मिट्टी के बर्तन, चमड़ा एवं फैशन का सामान, लकड़ी तथा इस्पात का फर्नीचर, हस्तशिल्प, लकड़ी के उत्पाद, रेशे कोयर, जूट आधारित उत्पादों पर ध्यान दिया जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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