न्याय की लकीरों को ढूंढते निठारी के पीड़ित
29 जनवरी, 2006 को पूरा देश सिहर उठा था, जब नोएडा के निठारी कस्बे में एक व्यवसायी की कोठी डी-5 के बगल से पुलिस ने 19 बच्चों के कंकाल बरामद किए थे जो जमीन के अंदर दफन किए हुए थे।
यह कोठी मोनिंदर सिंह पंधेर की थी जो अपने एक नौकर के साथ इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद से ही पंधेर और उसका नौकर सुरिंदर कोहली जेल में हैं।
इस पूरे प्रकरण में पहला निर्णय जनवरी में आ सकता है। 14 वर्षीय रिम्पा हलदार की भी इसी प्रकरण में हत्या हुई थी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत इस मामले में ही फैसला देने वाली है।
निठारी में पीड़ित परिवारों के वकील खालिद खान ने आईएएनएस को बताया,"रिम्पा हलदार मामले में सुनवाई जनवरी के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी। इस पर जनवरी के आखिर तक फैसला आ सकता है।"
निठारी के ही अनिल, जिनकी बेटी भी इस जघन्य अपराध का शिकार बनी, कहते हैं, "मुझे भरोसा है कि पंधेर को कड़ा दंड दिया जाएगा और मेरी बेटी को इंसाफ मिल सकेगा।"
उधर, इस पूरे मामले में सवाल सीबीआई पर भी उठे हैं। कभी सीबीआई ने ही पंधेर को नरभक्षी करार दिया था। परंतु अब वह पंधेर के खिलाफ सिर्फ बलात्कार और दुष्कर्म का मामला ही चला रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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