मप्र में आयकर छापा : काले धन की कहानी अब भी लॉकरों में बंद
भोपाल, 2 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में तीन दिन तक चली आयकर विभाग की कार्रवाई में कुल कितना काला धन मिला है, इसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) एस. एस. राणा भी अपने आपको वास्तविकता का खुलासा कर सकने में अक्षम पा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि न तो बरामद किए गए दस्तावेजों का परीक्षण हो पाया है और न ही लॉकर खुले हैं।
राणा ने संवाददाताओं को बताया कि आयकर विभाग ने तीन दिन में 56 स्थानों पर कार्रवाई की हैं जिनमें से 37 ठिकानों की तलाशी ली गई और 19 का सर्वेक्षण किया गया। मुख्य तौर पर यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ हुई है जिनका स्वास्थ्य महकमे से वास्ता है।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उन्हें स्वास्थ्य विभाग में चल रही गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं, उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
आयकर विभाग को इस कार्रवाई में 85 लाख की नकदी और जेवरात मिले हैं। इसके अलावा अभी 27 लॉकर का खोला जाना शेष है। इनमें से 12 लॉकर भोपाल, 10 लॉकर इंदौर, 5 लॉकर जबलपुर और 1 लॉकर उज्जैन में है। इनमें क्या कुछ है, इसका खुलासा तो इनके खुलने के बाद ही हो पाएगा।
आयकर महानिदेशक राणा ने बताया कि जिन लोगों के यहां छापे पड़े हैं, उनमें से अधिकांश ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन की खरीदी की है। गृह सचिव राजेश राजौरा के यहां मिले दस्तावेज भी इस ओर इशारा करते हैं।
उन्होंने बताया कि एक भवन निर्माता ने तो आय का जरिया कृषि बताया है जबकि उसके पास कृषि भूमि ही उतनी नहीं है। इनता ही नहीं एक डायरी मिली है, जो काले धन का खुलासा और गठजोड़ को उजागर करने में मदद करेगी।
दीनदयालचलित अस्पताल के जबलपुर में हुए करोड़ों के भुगतान के दस्तावेज भी आयकर विभाग को मिले हैं।
राणा ने संवाददाताओं के कई प्रश्नों का जवाब अनमने ढंग से दिया। उन्होंने कहा कि अभी दस्तावेजों का संकलन कर कुल सम्पत्ति का लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है, लॉकर खोले जाने हैं और उसके बाद ही अंतिम नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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