नेपाल शाही निवास की घेराबंदी
काठमांडू, 29 मई (आईएएनएस)। नेपाल को गणतंत्र घोषित किए जाने के कुछ ही समय बाद सुरक्षा की दृष्टि से वहां के शाही निवास को घेरे में ले लिया गया है। जनता में राजशाही के खिलाफ भावनाओं को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा इंतजाम भी कड़े कर दिए गए हैं।
काठमांडू, 29 मई (आईएएनएस)। नेपाल को गणतंत्र घोषित किए जाने के कुछ ही समय बाद सुरक्षा की दृष्टि से वहां के शाही निवास को घेरे में ले लिया गया है। जनता में राजशाही के खिलाफ भावनाओं को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा इंतजाम भी कड़े कर दिए गए हैं।
नव-निर्वाचित संवैधानिक सभा ने नरेश ज्ञानेंद्र को 15 दिनों के भीतर शाही निवास खाली करने की आज्ञा दी है। शाही निवास के मुख्यद्वार पर लहरा रहे शाही झंडे को भी गुरुवार को उतार दिया गया। भविष्य में शाही निवास को राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने की योजना है।
गुरुवार को अपार प्रदर्शनकारी जनसमूह ने शाही निवास के दक्षिणी द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फैराने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेंद्र के पिता महेंद्र की प्रतिमा की ओर भी बढ़ने का प्रयास किया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी हुई। उल्लेखनीय है कि महेंद्र ने ही सेना की मदद से सत्ता हथिया कर नेपाल के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री को जेल में डाल दिया था।
उधर बुधवार को संवैधानिक सभा द्वारा राजशाही की समाप्ति के लिए डाले जाने वाले मत के दौरान राजशाही की प्रबल समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने इस पहल का विरोध किया। पार्टी का कहना है कि राजशाही के खात्मे से देश के टूटने का खतरा है।
गौरतलब है कि नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने और राजशाही के समर्थक कुछ अतिवादियों ने राजधानी में मंगलवार को बम धमाके भी किए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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