गुर्जर आंदोलन भड़का, मृतकों का अब तक पोस्टमार्टम नहीं (लीड)
बयाना (राजस्थान), 29 मई (आईएएनएस)। गुर्जर समुदाय के आंदोलन के चलते राजस्थान के अनेक शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा और राजमार्ग और अन्य मार्ग भी रुके रहे। गत सप्ताह मारे गए 37 गुर्जरों के शवों का आज भी पोस्टमार्टम अथवा अंतिम संस्कार नहीं किया गया।
इसके अलावा, 'गुर्जर आकर्षण संघर्ष समिति' और वसुंधरा राजे सरकार के बीच फिलहाल बातचीत के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। गुर्जरों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित जयपुर में भी गुरुवार को बंद का ऐलान किया है।
राज्य के अन्य जिलों भरतपुर, करौली और दौसा से भी गुर्जरों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें हैं। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया जबकि गुर्जर आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री राजे और राज्य के गृहमंत्री जी.सी. कटारिया के पुतले फूंके।
आंदोलनकारियों का कहना है कि अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आने के बाद वह सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के लायक बन सकते हैं।
उधर गुर्जर नेता के.एस. बैंसला का कहना है कि पुलिस की हिफाजत में रखे चार व्यक्तियों के शव लौटाने के बाद प्रशासन पीलूपुरा के रेल मार्ग के पास सभी शवों का पोस्टर्माटम कर सकता है। उल्लेखनीय है कि बैंसला गत छह दिनों से हजारों गुर्जरों के साथ पीलूपुरा में डेरा डाले हैं।
पुलिस बैंसला की सलाह मानने को तैयार नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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