नीतीश कटारा हत्याकांड के छह वर्ष
नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में गत छह वर्षो के दौरान इस प्रकार चली प्रक्रिया :
16-17 फरवरी, 2002 : गाजियाबाद में एक शादी समारोह से नीतीश कटारा का अपहरण।
20 फरवरी, 2002 : बुलंदशहर के नजदीक एक गांव से नीतीश का शव बरामद। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के नेता डी. पी. यादव की पुत्री भारती यादव से दोस्ती की बात सामने आई।
11 मार्च, 2002 : करनाल के पास ग्रैंड ट्रंक रोड से हत्या के दौरान इस्तेमाल की गई सफारी गाड़ी बरामद।
31 मार्च, 2002 : इस मामले में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने चार पन्नों का आरोप पत्र दायर किया।
23 अप्रैल, 2002: हत्याकांड का प्रमुख आरोपी विकास और विशाल यादव मध्य प्रदेश में गिरफ्तार।
23 नवंबर, 2002: विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल।
7 अप्रैल, 2003: तीसरे अभियुक्त के खिलाफ अलग से सुनवाई शुरू। इसे वर्ष 2005 में गिरफ्तार किया जा सका था।
मार्च, 2004 : डी. पी. यादव की पुत्री भारती यादव को छोड़ सभी गवाह अदालत में उपस्थित हुए।
नवंबर, 2005: प्रमुख गवाह भारती यादव भारत पहुंची।
मई, 2006 : भारती यादव के पासपोर्ट का खुलासा।
25 मई, 2006: सम्मन जारी होने के तीन वर्ष बाद भारती यादव अदालत में उपस्थित हुई।
दिसंबर, 2007 : अभियोजन पक्ष ने अपनी बात पूरी करते हुए दावा किया कि नीतीश का भारती यादव से करीबी संबंध के कारण दोनों भाइयों ने उसकी हत्या कर दी थी।
2 अप्रैल, 2008 : निचली अदालत में मामले की प्रतिदिन आधार पर सुनवाई प्रारंभ।
23 अप्रैल, 2008: नीतीश कटारा मामले की सुनवाई समाप्त।
27 मई, 2008 : फैसला सुनाने के लिए अदालत ने दिन तय किया।
28 मई, 2008: अदालत ने विकास और विशाल यादव को दोषी करार दिया और सजा सुनाने के लिए
30 मई का दिन मुकर्रर किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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