केंद्रीय सहायता चार सौ गुना बढ़ी, विकास दर अब भी चार फीसदी : कांग्रेस
लखनऊ , 28 मई (आईएएनएस)। केंद्र द्वारा उत्तर प्रदेश को दी जाने वाली केन्द्रीय सहायता का प्रतिशत पिछले चार साल में भले ही चार सौ गुना बढ़ा दिया गया लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के विकास की दर चार प्रतिशत पर ही रूकी हुई है।
कांग्रेस ने इसके लिए मायावती सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केन्द्रीय धन के दुरुपयोग की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार केंद्र द्वारा दिए गए विशाल धनराशि की बंदरबांट कर रही है और इसे पाकरें व मूर्तियों पर लुटा रही है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को कहा कि चार वर्ष पूर्व केंद्र में जब डा़ मनमोहन सिंह की सरकार आई थी, तब तक उत्तर प्रदेश को केंद्रीय योजना आयोग द्वारा मात्र नौ हजार करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। इसके पूर्व वर्ष 2002-03 में 6,393.31 करोड़ रुपये, वर्ष 2003-04 में 7,728 करोड़ रुपये और वर्ष 2004-05 में 9,661.51 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना प्रदेश के लिए मंजूर की गई थी।
मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के भावनाओं के अनुरूप संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन में वार्षिक योजना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 20005-06 में 13,500 करोड़ रुपये, वर्ष 2006-07 में 19,500 करोड़ रुपये और वर्ष 2007-08 में 2,500 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना मंजूर हुई है। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए 35,000 करोड़ रुपये की योजना की मंजूरी प्रदेश के लिए नया व सुखद है।
मुख्य प्रवक्ता सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निवेदन पर केंद्र सरकार जल्द ही बुंदेलखंड के सूखा क्षेत्रों के लिए एक बड़ी धनराशि विशेष पैकेज के रूप में प्रदान करने जा रही है। केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता पाने के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर आ गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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