अनुमानों की सीढ़ियों पर चढ़ता तेल!

नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। डालर में कमजोरी, चीन में भूकंप के बाद आपूर्ति में बढ़ोतरी की संभावना व नाइजीरिया और मध्यपूर्व में जारी भू-राजनीतिक संकट के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को एक के बाद एक आए सकारात्मक अनुमानों से भी रिकार्ड दर रिकार्ड बनाने में मदद मिली है।

नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। डालर में कमजोरी, चीन में भूकंप के बाद आपूर्ति में बढ़ोतरी की संभावना व नाइजीरिया और मध्यपूर्व में जारी भू-राजनीतिक संकट के मद्देनजर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को एक के बाद एक आए सकारात्मक अनुमानों से भी रिकार्ड दर रिकार्ड बनाने में मदद मिली है।

महीने की शुरुआत में गोल्डमैन सैक्स ने जहां अनुमान लगाया था कि तेल की कीमत आगामी 6 से 24 महीनों के बीच 150 से 200 डालर प्रति बैरल की ऊंचाई तक पहुंच सकती है, वहीं सैक्स ने 16 मई को अपने नए अनुमान में बताया कि मौजूदा वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान कच्चे तेल की कीमत 141 डालर प्रति बैरल रह सकती है। अपने पूर्व अनुमान में सैक्स ने बताया था कि समान अवधि के दौरान तेल की कीमत 107 डालर प्रति औंस तक रह सकती है।

इसी क्रम में मंगलवार को डलास स्थित बीपी कैपिटल एलएलसी के संस्थापक व चेयरमैन बूने पिकेंस ने एक टीवी चैनल को साक्षात्कार में बताया कि मांग की तुलना में जारी कमजोर आपूर्ति को देखते हुए मौजूदा वर्ष के दौरान तेल की कीमत 150 डालर प्रति औंस की नई ऊंचाई तक पहुंच सकती है।

उधर क्रेडिट सुइसे ने अपने संशोधित अनुमान में बताया है कि मौजूदा वर्ष के दौरान तेल की कीमत 120 डालर प्रति बैरल व वर्ष 2009 के दौरान 110 डालर प्रति बैरल व दीर्घावधि के लिए 100 डालर प्रति बैरल रह सकती है जबकि पूर्व अनुमान में इसके क्रमश: 91 डालर प्रति बैरल, 90 डालर प्रति बैरल व 75 डालर प्रति बैरल रहने की संभावना व्यक्त की गई थी।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार बूने पिकेंस के सकारात्मक बयान से तेल की कीमत न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज यानी नाइमेक्स में मंगलवार को 129.60 डालर प्रति बैरल की नई ऊंचाई को छू गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर डालर व चीन में भूकंप के बाद आपूर्ति में बढ़ोतरी की संभावना से भी कीमतों को समर्थन मिला है।

निवेशकों को फिलहाल अमेरिकी ऊर्जा मंत्रालय के सूचना व प्रशासन विभाग से बुधवार को जारी होने वाले क्रूड, हीटिंग आयल व गसोलिन के इन्वेंटरी आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार है। पिछले सप्ताह क्रूड व हीटिंग आयल के स्टाक में बढ़ोतरी, जबकि गैसोलिन के स्टाक में कमी दर्ज की गई थी।

उधर, यूरोपीयन इकोनोमिक रिसर्च के प्रमुख वाल्फगैंग फ्रैंज के बयान, कि मंहगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की जानी चाहिए, के मद्देनजर कारोबार के दौरान डालर मंगलवार को यूरो के मुकाबले तीन सप्ताह के निचले स्तर यानी 1.5676 डालर प्रति यूरो दर्ज किया गया। फेडरल रिजर्व के वाइस चेयरमैन डोनाल्ड कोहेन के अमेरिकी अर्थव्यवस्था में हो रहे क्रमिक सुधार से सबंधित बयान से डालर बाद में यूरो की तुलना में मामूली सुधरा।

इस बीच अमेरिकी वाणिज्य विभाग से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार तैयार वस्तुओं के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में अप्रैल के दौरान 0.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मार्च के दौरान समान इंडेक्स 1.1 फीसदी चढ़ा था। खाद्य व ऊर्जा से संबंधित वस्तुओं को छोड़ कर निकाले जाने वाले कोर प्रोडयूसर प्राइस इंडेक्स में समान अवधि के दौरान 0.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अर्थ विशेषज्ञों के अनुसार इन आंकड़ों का डालर पर मिलाजुला प्रभाव रहा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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