Success story: कौन हैं ये 6 IAS अधिकारी जिन्होंने हिंदी माध्यम से फोड़ डाला UPSC एग्जाम?
रवि कुमार सिहाग, गौरव बुडानिया, गौरव कुमार सिंघल, अनुराधा पाल, गंगासिंह राजपुरोहित, गौरव सिंह सोगरवाल ने हिंदी माध्यम से तैयारी करके यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की।

IAS Hindi Medium Topper: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में बाजी मारने वाले अधिकांश अभ्यर्थी अंग्रेजी माध्यम से होते हैं। हिंदी माध्यम वालों की सफलता का प्रतिशत 5 से भी कम रहता है। इन्हीं पांच प्रतिशत में से उन छह अभ्यर्थियों के बारे में जानिए जो हिंदी माध्यम से सफल होकर मिसाल बन गए।

रवि कुमार सिहाग, आईएएस, यूपीएससी 2021
IAS Ravi Kumar Sihag हिंदी माध्यम से यूपीएससी फोड़ने वालों में रवि कुमार सिहाग का नाम भी शामिल है। राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी रवि कुमार ने तीन बार यूपीएससी क्रैक की। 2021 में 18 रैंक पाई।

गौरव बुडानिया, आईएएस, यूपीएससी 2020
IAS Gaurav Budania राजस्थान के चूरू जिले की पूनिया कॉलोनी की रहने वाले हैं। यूपीएससी 2020 में हिंदी माध्यम से 13वीं रैंक हासिल की। गौरव बुडानिया की शादी टीचर अनुप्रिया ढाका से 4 नवंबर 2022 को हुई है।

गौरव कुमार सिंघल, आईएएस, यूपीएससी 2016
IAS Gaurav Kumar Singhal यूपी के बुलंदशहर निवासी हैं। हिंदी माध्यम से साल 2016 में 31वीं रैंक पाकर आईएएस बने। यूपीएससी में ये पांच बार असफल हुए। फिर भी हिम्मत नहीं मारी।

अनुराधा पाल, आईएएस, यूपीएससी 2015
IAS Anuradha Pal यूपी के सामान्य परिवार से हैं। पिता ने पशुओं के दूध बेचकर बेटी को पढ़ाया। अनुराधा पाल ने 2012 में हिंदी माध्यम से 451वीं रैंक और 2015 में 62वीं रैंक हासिल की थी।

गंगासिंह राजपुरोहित, आईएएस, यूपीएससी 2016
IAS Ganga Singh Rajpurohit: वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य से यूपीएससी क्रैक करने वाले गंगासिंह राजपुरोहित राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं। गंगासिंह ने साल 2016 में 33वीं रैंक हासिल की थी।

गौरव सिंह सोगरवाल, आईएएस, यूपीएससी 2016
IAS Gaurav Singh Sogarwal: माता-पिता को बचपन में ही खो देने वाले आईएएस गौरव सिंह सोगरवाल भरतपुर राजस्थान से हैं। दो प्रयास में असफल रहे। तीसरे में आईपीएस व चौथे प्रयास में 46वीं रैंक पाकर आईएएस बने।












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