Pakistani Submarine: हिंद महासागर में पाक ने भेजे वॉरशिप, भारत ने तत्काल भेजा INS Airavat, आगे क्या हुआ?

Pakistani Submarine: हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region - IOR) अब सिर्फ व्यापार और समुद्री यातायात का रास्ता नहीं रह गया है। यह तेजी से दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच रणनीतिक मुकाबले का केंद्र बनता जा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने भारत की सुरक्षा एजेंसियों और रणनीतिक एक्सपर्ट का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

पाकिस्तान ने अपने तीन नेवी शिप को श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर तैनात किया है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा एक चीनी-निर्मित सबमरीन की हो रही है, जिसकी मौजूदगी को भारत के लिए एक सेंसटिव सुरक्षा मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।

Pakistani Submarine

पाकिस्तान ने कौन-कौन से जहाज भेजे?

पाकिस्तान ने इस मिशन को "सद्भावना यात्रा" और "लॉजिस्टिक सपोर्ट विजिट" का नाम दिया है। लेकिन भारत और कई डिफेंस एक्सपर्ट इसे सिर्फ एक सामान्य नौसैनिक दौरा नहीं मान रहे हैं। पाकिस्तानी बेड़े में जहाज-

• PNS Taimur (गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट)
• PNS Aslat (फ्रिगेट)
• PNS/M Hangor (चीनी-निर्मित सबमरीन)

इन तीनों जहाजों का कोलंबो पहुंचना हिंद महासागर में पाकिस्तान की बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है।

Video: 'एजेंसियों से रेड करा दूंगा', सुनंदा पुष्कर को लेकर Lalit Modi ने शशि थरूर पर लगाए गंभीर आरोप
Video: 'एजेंसियों से रेड करा दूंगा', सुनंदा पुष्कर को लेकर Lalit Modi ने शशि थरूर पर लगाए गंभीर आरोप

Hangor सबमरीन पर क्यों है सबसे ज्यादा चर्चा?

पाकिस्तान के बेड़े में शामिल Hangor श्रेणी की सबमरीन को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सबमरीन चीन की मदद से तैयार की गई है और इसे पाकिस्तान नेवी की नई पीढ़ी की अंडरवाटर क्षमता का हिस्सा माना जाता है।
डिफेंस एक्सपर्टों का मानना है कि इस सबमरीन की कोलंबो में मौजूदगी सिर्फ एक सामान्य पोर्ट विजिट नहीं है। इसे चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य साझेदारी के प्रतीक के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की नेवी लगातार चीनी हथियारों और सैन्य तकनीक पर निर्भर होती जा रही है, जिससे हिंद महासागर में चीन का प्रभाव बढ़ाने की कोशिश दिखाई देती है।

भारत ने तुरंत दिया जवाब

पाकिस्तान की इस तैनाती के बाद भारत ने भी तेजी से प्रतिक्रिया दी। 1 जून 2026 को इंडियन नेवी ने अपने वॉरशिप INS Airavat को कोलंबो बंदरगाह पर तैनात कर दिया। यह वही बंदरगाह है जहां पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज मौजूद थे। भारत की इस त्वरित तैनाती को सिर्फ एक नियमित नौसैनिक गतिविधि नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक स्पष्ट रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि भारत अपने समुद्री पड़ोस में होने वाली गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।

Passage Exercise को लेकर भी उठ रहे सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी नौसैनिक दल श्रीलंकाई नेवी के साथ एक Passage Exercise (PASSEX) में भाग लेने की योजना बना रहे हैं। आधिकारिक तौर पर ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य समुद्री सहयोग बढ़ाना बताया जाता है। लेकिन भारत के कई रणनीतिक एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसे संयुक्त अभ्यासों के दौरान समुद्री सर्वेक्षण (Hydrographic Survey) और संवेदनशील सूचनाएं जुटाने जैसी गतिविधियां भी की जा सकती हैं। यही कारण है कि नई दिल्ली इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से देख रही है।

UK Grooming Gang: 'ईद पर हुई घिनौनी पार्टी, 700 लोगों ने किया दुष्कर्म’, Pak के मुस्लिमों ने की हदें पार
UK Grooming Gang: 'ईद पर हुई घिनौनी पार्टी, 700 लोगों ने किया दुष्कर्म’, Pak के मुस्लिमों ने की हदें पार

INS Airavat की मौजूदगी क्यों है अहम?

इंडियन नेवी के कमांडर आई.पी. पाटिल के नेतृत्व में INS Airavat का कोलंबो पहुंचना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक यह सिर्फ एक जहाज की तैनाती नहीं थी, बल्कि यह संकेत था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

INS Airavat की मौजूदगी से भारत को पाकिस्तान और उसकी चीनी-निर्मित नौसैनिक संपत्तियों पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत ने यह भी दिखाया कि वह क्षेत्र में अपनी परिचालन तैयारियों को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने देगा।

श्रीलंका के लिए मुश्किल बैलेंस बनाना

इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रीलंका एक कठिन कूटनीतिक स्थिति में दिखाई दे रहा है। एक तरफ भारत उसका सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी, सुरक्षा साझेदार और आर्थिक सहयोगी है। वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका पाकिस्तान और चीन के साथ भी अपने संबंध बनाए रखना चाहता है। ऐसे में कोलंबो बंदरगाह पर पाकिस्तान के वॉरशिप और इंडियन नेवी की बराबरी से मौजूदगी श्रीलंका के लिए संतुलन बनाने की चुनौती बन सकती है।

Pakistani राजदूत ने किया Japan में मस्जिद का किया उद्घाटन, अब उसी पर चलेगा बुलडोजर, क्यों भड़की जापानी सरकार?
Pakistani राजदूत ने किया Japan में मस्जिद का किया उद्घाटन, अब उसी पर चलेगा बुलडोजर, क्यों भड़की जापानी सरकार?

क्या भारत की चिंता जायज है?

भारत लंबे समय से हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर सतर्क रहा है। चीन की "स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स" रणनीति और क्षेत्र के कई बंदरगाहों में उसकी मौजूदगी पहले से ही नई दिल्ली की चिंता का विषय रही है। ऐसे में जब एक चीन मेड पाकिस्तानी सबमरीन भारत के समुद्री क्षेत्र के करीब स्थित कोलंबो बंदरगाह पर दिखाई देती है, तो भारत के लिए इसे केवल एक सामान्य नौसैनिक यात्रा के रूप में देखना आसान नहीं है।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+