Delhi-NCR में मानसून की दस्तक! 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी बारिश-गरजे बादल, कहां-कहां IMD का अलर्ट
Delhi-NCR Monsoon Alert Weather Update Today: जून 2026 की शुरुआत ने देशभर में मौसम का मिजाज बदल दिया है। 4 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर केरल पहुंच गया। इधर, दिल्ली-एनसीआर में शाम करीब 3 बजे गरज-चमक के साथ तूफानी बारिश शुरू हो गई। करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी।
इसी दिन दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के कई इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे सड़कें पानी से भर गईं और यातायात प्रभावित हुआ। यह बारिश पूर्ण मानसून की दस्तक नहीं, बल्कि प्री-मानसून एक्टिविटी है, जो दिल्ली में पूर्ण मानसून (आमतौर पर 27 जून के आसपास) से पहले राहत दे रही है।

Monsoon in Keralam: मानसून केरलम में पहुंचा, IMD की पुष्टि
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जून 2026 को घोषणा की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आज केरल में स्थापित हो गया। बताया जा रहा है कि यह पहले 1 जून को आने वाला था, लेकिन इस बार थोड़ी देरी हुई।
केरल में कहां-कहां अलर्ट?
- मलप्पुरम, कोझीकोड और वयनाड जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट (बहुत भारी बारिश 11-20 सेमी)।
- बाकी जिलों में येलो अलर्ट (भारी बारिश 7-11 सेमी)।
- अगले 6-7 दिनों में 7-20 सेमी बारिश की संभावना, जिससे फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का खतरा।
मानसून के आगे बढ़ने के साथ महाराष्ट्र, गोवा और फिर उत्तर भारत की ओर रुख करेगा। दिल्ली में पूर्ण मानसून के पहुंचने की संभावना 24-27 जून के आसपास है।
Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में आज का हाल, तूफानी बारिश का कहर

पिछले हफ्ते दिल्ली का तापमान 40-44°C तक पहुंच रहा था। दिल्ली-एनसीआर में 4 जून को मौसम ने अचानक बड़ा बदलाव दिखाया। पिछले कई दिनों से लोग 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी झेल रहे थे। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, लेकिन दोपहर बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया।
करीब 2 बजे आसमान में घने बादल छाने लगे और कुछ ही देर में तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। शाम करीब 3 बजे गरज-चमक और धूल भरी आंधी के बीच तेज हवाएं चलीं, जिससे कई इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दिलाई। बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया और ट्रैफिक की रफ्तार लगभग थम गई। लोग जहां जगह मिली, वहीं रुककर खुद को बारिश और तेज हवाओं से बचाते नजर आए। कोई पेड़ों के नीचे तो कोई दुकानों के शेड के नीचे खड़ा दिखा। एक तरफ मौसम सुहावना हुआ, तो दूसरी तरफ जलभराव और यातायात बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
प्रभाव:
- कई इलाकों में पानी भराव, सड़कें तालाब बन गईं (खासकर निचले इलाकों, अंडरपास में)।
- यातायात बाधित, फ्लाइट्स में देरी की संभावना।
- पेड़ गिरने, बिजली के खंभों के प्रभावित होने की खबरें।
- तापमान में 5-8 डिग्री की गिरावट, लोगों को गर्मी से बड़ी राहत।
IMD ने दिल्ली-एनसीआर, UP, हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 2-3 दिनों में और बारिश-आंधी की संभावना।

क्यों आ रही है इतनी तेज बारिश?
- पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत में सक्रिय, जो मानसून की शुरुआत से पहले नमी और अस्थिरता लाता है।
- मानसून की दस्तक: केरल में स्थापना के साथ नमी बढ़ रही है।
- शहरीकरण: दिल्ली-एनसीआर में जल निकासी की खराब व्यवस्था से छोटी बारिश भी जलभराव का कारण बन जाती है।
राहत का मौसम, सतर्कता जरूरी
4 जून 2026 की तूफानी बारिश ने दिल्ली-एनसीआर को भीषण गर्मी से राहत दी, लेकिन यह आने वाले मानसून सीजन की झलक मात्र है। केरल से शुरू हुआ मानसून धीरे-धीरे पूरे देश को भिगोएगा।
सरकारों को ड्रेनेज, शहरी प्लानिंग और किसानों के लिए बेहतर सपोर्ट पर फोकस करना होगा। नागरिकों को जागरूकता और सावधानी बरतनी होगी। मानसून न सिर्फ पानी लाता है, बल्कि नई उम्मीद और हरियाली भी। सही प्रबंधन से हम इसकी राहत को अधिकतम और नुकसान को न्यूनतम कर सकते हैं।













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