कैप्टन का रोमांटिक सरप्राइज बना विवाद, Capt Bharat Bhardwaj से नाराज आर्मी, सपोर्ट में आए Lt. Gen. ढिल्लों
Capt Bharat Bhardwaj: भारतीय सेना के कैप्टन भारत भारद्वाज का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। यह वीडियो नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) की पासिंग-आउट परेड के तुरंत बाद का था। वीडियो में कैप्टन भारद्वाज अपनी प्रेमिका को शादी के लिए प्रपोज करते नजर आए थे। हालांकि अब इस पूरे मामले पर भारतीय सेना ने अपनी नाराज़गी जाहिर की है।
हेलीकॉप्टर के सामने किया था शादी का प्रस्ताव
इस सप्ताह की शुरुआत में कैप्टन भारत भारद्वाज ने अपना उड़ान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने एक सैन्य हेलीकॉप्टर के सामने अपनी प्रेमिका को शादी के लिए प्रपोज किया। यह खूबसूरत पल, 2 जून को परिवार के सदस्यों, साथी अधिकारियों और कार्यक्रम में मौजूद मेहमानों के सामने हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होते ही तेजी से वायरल हो गया और लाखों लोगों ने इसे देखा।

घुटनों पर बैठकर पहनाई अंगूठी
वायरल वीडियो में कैप्टन भारत भारद्वाज अपनी औपचारिक सैन्य वर्दी में एयरबेस के टरमैक पर चलते हुए दिखाई देते हैं। इसके बाद वह अपनी प्रेमिका के सामने घुटनों के बल बैठ जाते हैं और सगाई की अंगूठी के साथ शादी का प्रस्ताव रखते हैं।
यह भावुक पल देखते ही उनकी प्रेमिका ने खुशी से उन्हें गले लगा लिया। वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर दोनों का उत्साह बढ़ाया। वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी मिलीं।
कैप्टन भारद्वाज ने बताया क्यों चुना यही दिन
कैप्टन भारत भारद्वाज ने बाद में इस खास मौके को चुनने की वजह भी बताई। उन्होंने 'द स्टेट्समैन' से बातचीत में कहा-
"हम सभी आज पायलट और प्रशिक्षक बन गए हैं। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा दिन था। हमारी सालों की मेहनत का परिणाम आज मिला है।"उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए भी बेहद गर्व और खुशी का पल था।
पांच साल पुराने रिश्ते को दिया नया नाम
कैप्टन भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर इसी दिन अपनी प्रेमिका को प्रपोज करने का फैसला किया। उन्होंने कहा-
"मुझे नहीं लगता कि उससे शादी का प्रस्ताव रखने के लिए इससे बेहतर कोई और दिन हो सकता था। मैं इस दिन को अपनी मंगेतर के लिए भी यादगार बनाना चाहता था। यही पूरा विचार था।"उन्होंने बताया कि दोनों पिछले पांच सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और उनके करियर के इस महत्वपूर्ण पड़ाव ने इस पल को और भी खास बना दिया।
पासिंग-आउट परेड में 59 अधिकारियों ने पूरा की ट्रेनिंग
कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) की इस पासिंग-आउट परेड में हेलीकॉप्टर पायलट, पायलट-ऑब्जर्वर, इंस्ट्रक्टर और रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) से जुड़े अलग-अलग कोर्स के अधिकारियों ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की। कार्यक्रम के दौरान कुल 59 अधिकारियों ने ग्रेजुएशन पूरा किया। इनमें से 25 अधिकारियों को बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी करने के बाद फेमस "फ्लाइंग विंग्स" प्रदान किए गए।
वायरल वीडियो के बाद सेना ने जताई नाराजगी
हालांकि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफी पसंद किया गया, लेकिन भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली में अधिकारियों ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है। कैप्टन भारद्वाज के कमांडिंग ऑफिसर को इस संबंध में मौखिक रूप से सूचित भी किया गया है। हालांकि इस मामले में कोई लिखित नोटिस जारी नहीं किया गया है।
सेना नियमों के उल्लंघन का आरोप
रक्षा सूत्रों के हवाले से 'द प्रिंट' की रिपोर्ट में कहा गया है कि युवा अधिकारी ने सेना के कई नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों ने कैप्टन भारद्वाज से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है।
सेना का कहना है कि वह उनके व्यक्तिगत फैसले और अपनी प्रेमिका को प्रपोज करने की इच्छा को समझती है, लेकिन इसके लिए चुना गया स्थान और अवसर उचित नहीं माना गया। सूत्रों के मुताबिक सैन्य उपकरणों और सैन्य प्रतिष्ठानों का उपयोग निजी सोशल मीडिया कंटेंट या व्यक्तिगत प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
समर्थन में उतरे Lt. Gen. KJS ढिल्लों
हालांकि लेफ्टिनेंट जनरल कंवलजीत सिंह ढिल्लों (रिटायर्ड) समेत कई लोगों ने कैप्टन द्वारा किए गए प्यार के इजहार पर सेना की सख्ती की आलोचना की। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने एक्स पर लिखा-
"आप चाहते हैं कि युवा अधिकारी देश के प्रति अपने प्रेम के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दे, लेकिन आप यह नहीं चाहते कि वह अपनी मंगेतर के प्रति अपने प्रेम का इजहार करे। सेना में हम कहते हैं, 'यंगस्टर नहीं करेगा, तो कौन करेगा’। अगर आप उसकी प्रोफेशनल क्षमताओं में कोई कमी नहीं ढूंढ सकते, तो प्यार और अपनेपन के इतने पवित्र इजहार पर यह नुक्ताचीनी मत कीजिए।"उन्होंने आगे लिखा-
"देश भर में आयोजित कई 'नो योर आर्मी’ (अपनी सेना को जानिए) प्रदर्शनियों के दौरान सैन्य उपकरणों को प्रदर्शित किया गया है। छात्रों और गैर-सैन्य कर्मियों ने सेना के प्रति अपना गर्व और प्यार दिखाते हुए इसके साथ तस्वीरें खिंचवाई हैं। इसलिए, कृपया इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का एंगल न लाएं। युवा सैनिक को गर्व और सम्मान के साथ अपना राष्ट्रीय कर्तव्य करने दें।"क्या होगी कोई कार्रवाई?
सूत्रों का कहना है कि चूंकि कैप्टन भारद्वाज एक युवा अधिकारी हैं और उन्होंने कोई गंभीर अपराध नहीं किया है, इसलिए उनके खिलाफ किसी औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना कम है।
हालांकि उनके वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कैप्टन को सेना के नियमों, परंपराओं और एक अधिकारी के अनुरूप व्यवहार के बारे में पूरी तरह जागरूक किया जाए।
सेना ने दिया सम्मान और अनुशासन का संदेश
सेना के सूत्रों ने कहा कि वर्दी अपने साथ सम्मान और जिम्मेदारी दोनों लेकर आती है। फर्स्ट पोस्ट में सूत्रों के हवाले से छपी के मुताबिक-
"वर्दी अपने साथ सम्मान लाती है और हर जवान तथा अधिकारी को उसका सम्मान करना चाहिए। सोशल मीडिया को अपने व्यवहार और फैसलों को प्रभावित नहीं करने देना चाहिए।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को वर्दी पहनकर अपने साथी को प्रपोज करने से नहीं रोका जाता, लेकिन ऐसे व्यक्तिगत कार्यक्रम किसी आधिकारिक सैन्य समारोह, विशेष रूप से पासिंग-आउट परेड जैसे आयोजन के दौरान नहीं किए जाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, उठे अनुशासन से जुड़े सवाल
कैप्टन भारत भारद्वाज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों को पसंद आया और कई लोगों ने इसे प्यार और समर्पण का खूबसूरत उदाहरण बताया। लेकिन दूसरी तरफ इस घटना ने सेना में अनुशासन, आधिकारिक समारोहों की गरिमा और सैन्य संसाधनों के उपयोग को लेकर नई बहस भी छेड़ दी है।
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