पिता और बेटे की परंपरा
पिता और बेटे की परंपरा
पिता- बेटे, तुम्हारे दादाजी ने शादी की और पछताए। मैंने शादी की और पछता रहा हूं। अब तुम क्या करोगे ?
पुत्र- और कर ही क्या सकता हूं। वंश-परम्परा निभाऊंगा। शादी करूंगा और फिर पछताऊंगा।
संता ने शादी के लिए लड़की देखी
संता अपने लिए लड़की देखने गया।
लड़की के बाप ने संता को एकांत में लड़की से बात करने के लिए भेज दिया।
संता की समझ में नहीं आया कि क्या बात करे। बड़ी हिम्मत जुटाकर उसने पूछा - बहनजी, आप कितने भाई-बहन हो ???
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लड़की ने ठंडी सांस भर कर जवाब दिया- अभी तक तो दो ही थे मगर अब तीन हो गए।












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