'कार का एक्सीडेंट हो गया है, और कुत्ता मर गया'
एक मंत्री जी गाँव में किसी सभा को सम्बोधित करने जा रहे थे।
गाँव से पहले ही उनकी कार के नीचे एक कुत्ता आ गया। एक्सीडेंट में कुत्ता भी मर गया और कार भी ख़राब हो गयी।
मंत्री जी ने ड्राइवर संता को गाँव वालों को मदद के लिए बुलाने भेजा।
करीब 2 घंटे बाद जब संता लौटा तो उसके गले में ढेर सारी मालाएं पड़ी हुई थी।
मंत्री जी कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने संता से पूछा, "तुमने ऐसा क्या किया जो तुम्हारा इतना सम्मान हुआ?"
संता: मैंने तो सिर्फ इतना कहा कि मंत्री जी की कार का एक्सीडेंट हो गया है, और कुत्ता मर गया।
राजनीति
संता अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"
नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।"चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।
नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।
संता: पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।
नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।
संता ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।
संता धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"
नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"












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