जब गली से आई आवाज, 400 रुपए में जिंदगी भर बैठ कर खाएं
गली से आवाज आई, 'मात्र 400 रुपए में जिंदगी भर बैठ कर खाएं' दोस्त ने दूसरे दोस्त से कहा, बाहर निकल कर देखा तो बदतमीज-
-
-
-
-
देखा तो- एक बंदा 'कुर्सी' बेच रहा था।

कल एक बाबा मिले
मैंने पूछा - कैसे हैं बाबाजी.?
बाबाजी बोले - हम तो साधू हैं बेटा
हमारा "राम" हमें जैसे रखते है हम वैसे ही रहते हैं
तुम तो सुखी हो ना बच्चा..?
मैं बोला : हम तो संसारी लोग हैं बाबाजी
हमारी "सीता" हमें जैसे रखती है, हम वैसे ही रहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications