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Sonam Wangchuk की न्यायिक हिरासत में मौत? पाकिस्तान की नई चाल क्या? जानें वायरल दावों की सच्चाई

Sonam Wangchuk Custodial Death Fact Check: मशहूर पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की हिरासत में मौत की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी को यह बात स्वीकार करते दिखाया गया है। लेकिन यह पूरी तरह फर्जी है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि यह AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो है, और जनरल द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया।

यह पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट्स की नई चाल है, जिसका मकसद भारतीय सेना के खिलाफ गलत सूचना फैलाना और जनता का विश्वास तोड़ना है। आइए, इस दावे की पूरी जांच करते हैं और सच्चाई सामने लाते हैं...

Sonam Wangchuk Custodial Death Claim

Sonam Wangchuk Death Viral Claim Fake: क्या दिखा वीडियो में?

वीडियो का फॉर्मेट: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पाकिस्तानी हैंडल्स से शेयर किया गया यह 30-40 सेकंड का क्लिप जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Indian Army Chief Gen. Upendra Dwivedi) को दिखाता है, जो कथित रूप से कह रहे हैं, 'सोनम वांगचुक की कस्टोडियल डेथ पर दुख है।' वीडियो में बैकग्राउंड एक आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसा लगता है।

  • सोर्स: यह वीडियो 27 नवंबर 2025 को तेजी से वायरल हुआ। कुछ पोस्ट्स में इसे 'हिंदुत्व फासीवाद' से जोड़ते हुए दावा किया गया कि सरकार खबर दबा रही है। उदाहरण के लिए, एक हैंडल (@Mushk_0) ने लिखा, 'सोनम वांगचुक की कस्टोडियल डेथ के बाद, इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शोक जताया था, जिसे अब मीडिया दबा रहा है। हिंदुत्व फासीवादियों के अपने एजेंडा थोपने से आर्मी भी थक गई लगती है।' लेकिन ये सभी पोस्ट्स असत्यापित हैं और प्रोपेगैंडा से जुड़े अकाउंट्स से आ रही हैं।
  • तकनीकी जांच: PIB ने मूल वीडियो (जो जनरल द्विवेदी का एक पुराना प्रेस कॉन्फ्रेंस है) और फर्जी क्लिप की तुलना की। मूल में वे सेना की तैयारियों पर बोल रहे हैं, न कि वांगचुक पर। AI टूल्स से वॉइस और लिप सिंक बदला गया है।

PIB Fact Check: फर्जी वीडियो, कोई मौत नहीं हुई

PIB फैक्ट चेक ने 27 नवंबर 2025 को आधिकारिक पोस्ट में कहा:-

  • यह वीडियो AI से एडिटेड है। थल सेनाध्यक्ष ने सोनम वांगचुक की मौत पर कोई बयान नहीं दिया। सोनम वांगचुक जिंदा हैं और जोधपुर सेंट्रल जेल में NSA के तहत हिरासत में हैं।
  • मकसद: भारतीय सशस्त्र बलों में भरोसा कम करना और गलत सूचना फैलाना।
  • सलाह: असत्यापित कंटेंट शेयर न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों (जैसे PIB, सरकारी वेबसाइट्स) पर भरोसा करें।

यह पहली बार नहीं है। सितंबर-अक्टूबर 2025 में भी वांगचुक की गिरफ्तारी पर कई डीपफेक वीडियो वायरल हुए थे - जैसे लद्दाख DGP एसडी सिंह का फर्जी बयान कि 'गिरफ्तारी डिफेंस मिनिस्टर के आदेश पर बिना सबूत हुई'। PIB ने इन्हें भी खारिज किया। इसी तरह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का फर्जी वीडियो (संविधान दिवस पर उग्रवाद पर बोलते दिखाया गया) भी पाकिस्तानी अकाउंट्स से फैलाया गया, जो PIB ने फर्जी साबित किया।

Where Is Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक कहां है?

फैक्ट चेक से साफ है कि वांगचुक की मौत की कोई खबर नहीं है। वे सुरक्षित हैं और जोधपुर सेंट्रल जेल में हिरासत में हैं। यहां उनकी टाइमलाइन:-

क्रमांक तारीख कब-क्या हुआ?
1
10 सितंबर 2025 लद्दाख के Leh Apex Body (LAB) के साथ "छठी अनुसूची + राज्य दर्जा" की मांग पर भूख हड़ताल शुरू।
2
24 सितंबर 2025 भूख हड़ताल खत्म, लेकिन राज्यhood मांग पर प्रदर्शन हिंसक। 4 मौतें, दर्जनों घायल। वांगचुक ने शांति की अपील की।
3
26 सितंबर 2025
NSA (रासुका) के तहत गिरफ्तार। लद्दाख से स्पेशल फ्लाइट से जोधपुर जेल शिफ्ट। हाई-सिक्योरिटी वार्ड में 24x7 CCTV निगरानी। SECMOL संस्था की FCRA लाइसेंस रद्द।
4
अक्टूबर 2025 पत्नी गीतांजली जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में रिहाई याचिका दाखिल। कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी। एडवाइजरी बोर्ड ने जेल में सुनवाई की।
5
24 नवंबर 2025
सुप्रीम कोर्ट ने याचिका 8 दिसंबर तक टाली। वांगचुक को याचिका में शामिल होने की इजाजत। जेल सुपरिंटेंडेंट ने कहा: कोई सोलिटरी कंफाइनमेंट नहीं, विजिटर्स को एक्सेस है।
6
नवंबर 2025 (वर्तमान) जोधपुर जेल में ही। NSA के तहत 12 महीने तक बिना ट्रायल हिरासत संभव। TIME मैगजीन ने उन्हें "2025 के 100 प्रभावशाली क्लाइमेट लीडर्स" में शामिल किया।


  • हिरासत का आधार: प्रशासन का दावा - वांगचुक के 'भड़काऊ बयान' (अरब स्प्रिंग, नेपाल आंदोलन का जिक्र) ने हिंसा भड़काई। SECMOL पर FCRA उल्लंघन। लेकिन पत्नी का कहना: गिरफ्तारी अवैध, पुरानी FIRs पर आधारित।
  • कानूनी स्टेटस: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी। LAB ने रिहाई को शर्त बताते हुए केंद्र से बातचीत का प्रस्ताव दिया।

पाकिस्तान की नई चाल: डीपफेक से प्रोपेगैंडा

यह वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का हिस्सा है। सितंबर से ही वांगचुक की गिरफ्तारी पर डीपफेक वीडियो (DGP, ADC Leh के नाम से) फैलाए गए। अब मौत का झूठा दावा। मकसद:-

  • भारत की आंतरिक अस्थिरता दिखाना।
  • सेना और सरकार के बीच फूट डालना।
  • लद्दाख मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय बनाना।

Fact Check का निष्कर्ष: दावा झूठा, वांगचुक सुरक्षित

  • दावा: सोनम वांगचुक की हिरासत में मौत। झूठा - कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं। वीडियो AI-जनरेटेड।
  • सच्चाई: वे जोधपुर जेल में हैं, सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा। हाल की रिपोर्ट्स (24 नवंबर 2025) से साफ कि जिंदा हैं।

यह घटना डिजिटल युग में प्रोपेगैंडा की खतरनाक हकीकत दिखाती है। लद्दाख का संघर्ष जारी है, लेकिन मौत की अफवाहें सिर्फ भ्रम फैलाती हैं। सच्चाई के साथ खड़े हों।

ये भी पढ़ें- Fact Check: करूर भगदड़ के बाद विजय थलापति देश छोड़ने की तैयारी में? वायरल वीडियो में फैली अफवाह, जानें सच

Fact Check

दावा

सोनम वांगचुक की हिरासत में मौत।

नतीजा

सोनम वांगचुक की हिरासत में मौत के दावे झूठे। पाकिस्तानी चाल। वांगचुक जोधपुर जेल में सुरक्षित।

Rating

Mostly False
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें

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