Fact Check: क्या सच में 4 दिनों के अंदर कोरोना कंट्रोल करेगी 'आयुध एडवांस' !, जानें सच
नई दिल्ली, अप्रैल 20: भारत सहित पूरे विश्व में कोरोना ने अपना कहर बरपा रखा है। ऐसे में सभी देशों में कोरोना वैक्सीन बनाने का काम शुरू किया गया। भारत सहित कुछ देश इसमें सफल भी हुए है। बाकी के देश भी इस दिशा में सफलता पाने में जुटे हुए हैं। इस दौरान कोरोना की दूसरी लहर के बीच अहमदाबाद की एक दवा कंपनी ने दावा किया था कि उनकी दवा 'आयुष एडवांस' कोरोना मरीजों के लिए संजीवनी का काम करेगी। वहीं कंपनी ने बताया था कि अहमदाबाद के दो सरकारी अस्पतालों में हुए ट्रायल के दौरान कोरोना की जंग में दवा कारगर साबित हुई है। साथ ही ये भी बताया गया कि महज 4 दिनों के अंदर ही 'आयुष एडवांस' देने से मरीजों के अंदर कोरोना काफी हद कंट्रोल हो गया।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में बताए गए और कंपनियों के दावों को आयुष मंत्रालय पूरी तरह से खारिज करते हुए नकार दिया है। आयुष मंत्रालय के एक्शन लेते हुए गुजरात के खाद्य और औषधि नियंत्रण प्रशासन के संयुक्त आयुक्त (आयुर्वेद) राजकोट स्थित आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वहीं इसके अलावा ट्रान्जिशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंसटीट्यूट डिपार्टमेन्ट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (DBT-THSTI) ने भी कंपनी के दावों को झूठा करार किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान काम आने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन से तुलना में आयुध एडवांस को 3 गुना ज्यादा कारगर है।
आपको बता दें कि कंपनी ने दावा करते हुए कहा था कि दवा का पहला ह्यूमन ट्रायल अक्टूबर 2020 में एनएचएल नगर मेडिकल कॉलेज अहमदाबाद में किया गया था, जिसके बाद दूसरा क्लिनिकल ट्रायल जनवरी 2021 में GMERS मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, सोला, अहमदाबाद में किया।

Fact Check
दावा
दवा 'आयुष एडवांस' से 4 दिनों के अंदर कोरोना कंट्रोल होने का दावा किया गया है।
नतीजा
आयुष मंत्रालय ने इस दावे को खारिज कर दिया है।












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