नेताजी ने जनता के लिए किया 5 साल का इंतजाम, 'खुशी के मारे छूटे पसीने'
देश में जब-जब चुनाव आते हैं, जनता के लिए नेताओं के श्रीमुख से घोषणाओं के हीरे-मोती बरसते हैं। समुद्र मंथन के समय भी इतने रत्न नहीं निकले होंगे, जितनी सौगातें राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में होती हैं।
नई दिल्ली। देश में जब-जब चुनाव आते हैं, जनता के लिए नेताओं के श्रीमुख से घोषणाओं के हीरे-मोती बरसते हैं। समुद्र मंथन के समय भी इतने रत्न नहीं निकले होंगे, जितनी सौगातें राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में होती हैं। हालांकि चुनाव जीतने के बाद वही घोषणा पत्र 'आर्काइव विभाग' में भेज दिया जाता है और जनता पूरे पांच साल तक घोषणाओं के पूरे होने का इंतजार करती रहती है। देखिए इसी पर आज का कार्टून।













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