Mumbai के बाद बिजनौर में तरबूज खाने से हड़कंप! एक ही परिवार के 3 लोग बीमार, महिला की मौत

Watermelon Poisoning Case: खाने की मेज पर सजा लाल रसीला तरबूज किसी की जान का दुश्मन बन सकता है, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है। लेकिन पहले मुंबई और अब उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आई दिल दहला देने वाली खबरों ने फल खाने वालों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। बिजनौर के शेरनगर नरैनी गांव में बुधवार को तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हालत बिगड़ गई, जिसमें 22 वर्षीय मुस्कान की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

दरअसल, कोतवाली देहात क्षेत्र के डॉ. जिया उल रहमान ने अपनी पत्नी और युवा बेटी मुस्कान के साथ दोपहर में तरबूज खाया था। तरबूज खाने के चंद मिनटों बाद ही तीनों को गंभीर उल्टियां और पेट में दर्द शुरू हो गया। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान मुस्कान की हालत बिगड़ती देख उसे रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

bijnor watermelon poisoning case

न्यूज-18 की रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्कान का निकाह हाल ही में तय हुआ था, घर में खुशियों का माहौल था जो एक पल में मातम में बदल गया। अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है, जिससे मौत की सटीक वजह रहस्य बनी हुई है। पीएचसी प्रभारी के अनुसार मामले की जानकारी जुटाकर जांच के आदेश दिए गए हैं।

मुंबई का 'जिंक फास्फाइड' कनेक्शन: क्या बिजनौर में भी वही हुआ?

बिजनौर की यह घटना दक्षिण मुंबई के घारी मोहल्ला के उस भयावह केस की याद दिलाती है, जहां अब्दुल डोकाडिया के परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई थी। मुंबई के मामले में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) ने जो खुलासा किया, उसने सबको चौंका दिया था।

मुंबई केस के डरावने सच

रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में पाया गया कि तरबूज में 'जिंक फास्फाइड' (चूहे मारने की दवा) मौजूद थी। परिवार ने रात में चिकन पुलाव भी खाया था, लेकिन मेहमानों ने केवल पुलाव खाया और तरबूज नहीं, इसलिए वे सुरक्षित रहे।मृतकों के लिवर और किडनी में वही केमिकल मिला जो तरबूज के सैंपल में पाया गया था।

बिजनौर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या बिजनौर वाले तरबूज में भी कोई जहरीला केमिकल था या यह फूड पॉइजनिंग का कोई और मामला है। एक्सपर्ट का मानना है कि तरबूज को तेजी से लाल करने के लिए अक्सर 'एरिथ्रोसिन' या अन्य रसायनों के इंजेक्शन लगाए जाते हैं, जो कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

Bihar: सहरसा में स्कूल का Mid-Day Meal बना आफत! 250 से ज्यादा बच्चे बीमार, जांच में क्या मिला?
Bihar: सहरसा में स्कूल का Mid-Day Meal बना आफत! 250 से ज्यादा बच्चे बीमार, जांच में क्या मिला?
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+