Dhamaal 4 Review: 'आदि-मानव' की जोड़ी ने कराई हंसी की रोलरकोस्टर राइड, अजय देवगन का चला जादू, पढ़ें रिव्यू
फिल्म: धमाल 4 (Dhamaal 4)
निर्देशक: इंद्र कुमार
स्टार कास्ट: अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी, रवि किशन
रनटाइम: 2 घंटे 23 मिनट
रेटिंग: 3 (***)
Dhamaal 4 Review: कुछ फिल्में लॉजिक से नहीं, अपने मूड से चलती हैं और 'धमाल' उन्हीं फिल्मों में से एक है। पिछले तीन पार्ट्स की तरह 'धमाल 4' भी दर्शकों को किसी गंभीर कहानी या सामाजिक संदेश के बजाय हंसी के रोलर-कोस्टर पर बैठाने की कोशिश करती है। निर्देशक इंद्र कुमार इस बार भी उसी दुनिया में लौटते हैं, जहां खजाना सबसे बड़ा सपना है और उसे पाने के लिए हर किरदार किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

क्या है फिल्म 'धमाल 4' की कहानी?
फिल्म की कहानी एक बार फिर खजाने की तलाश के इर्द-गिर्द घूमती है। अलग-अलग टोलियां एक ही मंजिल तक पहुंचना चाहती हैं और इसी दौड़ में पैदा होती हैं ढेर सारी गलतफहमियां, पीछा करने वाले सीन, धोखे और कॉमिक ट्विस्ट। कहानी आपको चौंकाने की कोशिश नहीं करती बल्कि लगातार ऐसी परिस्थितियां बनाती है, जहां हंसी अपने आप निकलती है। यही इस फ्रेंचाइज़ की सबसे बड़ी पहचान भी रही है।
फिल्म की दमदार स्टारकास्ट और उनकी शानदार एक्टिंग
-फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी इसकी स्टारकास्ट है। अजय देवगन का संयमित अंदाज, रितेश देशमुख की मासूम कॉमिक टाइमिंग, अरशद वारसी और जावेद जाफरी की पुरानी जुगलबंदी पहले की तरह मनोरंजन करती है। रवि किशन नई एंट्री के तौर पर फिल्म में अलग रंग भरते हैं। उनका समुद्री लुटेरे वाला किरदार कई सीन्स में सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है।
-संजय मिश्रा अपनी मौजूदगी से हर सीन को हल्का और मजेदार बना देते हैं, जो उनकी सबसे बड़ी खासियत भी है। हालांकि बाकी कलाकार भी अपनी भूमिकाओं के साथ पूरा न्याय करते हैं।
फिल्म का टेक्नोलॉजिल पार्ट और म्यूजिक
फिल्म तकनीकी रूप से बहुत प्रभावशाली नहीं कही जा सकती। कुछ जगह वीएफएक्स कमजोर नजर आते हैं और बड़े पर्दे पर उनका असर थोड़ा कम पड़ता है। हालांकि बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की एनर्जी बनाए रखता है। फिल्म में कई ऐसे सिनेमाई रेफरेंस हैं जो दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों की लोकप्रिय फिल्मों को हल्के-फुल्के अंदाज में शामिल किया गया है, जो कॉमेडी का हिस्सा बन जाते हैं, न कि सिर्फ दिखावे का।
फाइनल वर्डिक्ट
'धमाल 4' की सबसे बड़ी खूबी यही है कि ये खुद को जरूरत से ज्यादा गंभीर नहीं बनाती। फिल्म जानती है कि उसका मकसद सिर्फ मनोरंजन करना है और वह उसी रास्ते पर चलती है। अगर आप कहानी में गहराई ढूंढने जाएंगे तो शायद निराश हों लेकिन अगर परिवार या दोस्तों के साथ दो घंटे से ज्यादा खुलकर हंसना चाहते हैं तो ये फिल्म आपको अच्छा समय देती है। फ्रेंचाइजी के फैंस के लिए ये एक मजेदार और संतोषजनक अगला अध्याय साबित होती है।












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