UPPSC RO-ARO प्रीलिम्स परीक्षा 27 जुलाई को, क्या है दोनों के बीच अंतर? देखें सैलरी से प्रमोशन तक के डिटेल
UPPSC RO and ARO Post: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा मौका सामने आया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रिव्यू ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (ARO) पदों के लिए बंपर भर्तियां निकाली हैं, जिनके लिए 10 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। यह परीक्षा अब 27 जुलाई 2025 को होने जा रही है, जिससे पहले ही युवाओं में उत्साह चरम पर है। यह परीक्षा न केवल एक प्रतिष्ठित सरकारी पद पाने का रास्ता है, बल्कि बेहतर वेतन, स्थिर भविष्य और प्रमोशन के अवसर भी देती है।
RO और ARO की पोस्ट को यूपी प्रशासन में बेहद अहम माना जाता है। इन अधिकारियों का काम नीतियों, दस्तावेजों और सरकारी प्रक्रिया की निगरानी करना होता है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, तो यह समय है अपनी रणनीति और तैयारी को धार देने का। आइए जानें इस परीक्षा से जुड़ी जरूरी बातें, जैसे कि ये पद क्या हैं, इनकी सैलरी, काम और करियर ग्रोथ के अवसर के बारे में।

RO और ARO क्या होते हैं?
RO यानी रिव्यू ऑफिसर और ARO यानी असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, यूपी सरकार के अलग-अलग विभागों जैसे सचिवालय, राजस्व बोर्ड और आयोगों में नियुक्त किए जाते हैं। ये पद प्रशासनिक कामों में अहम भूमिका निभाते हैं। इनकी भर्ती तीन चरणों- प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और टाइपिंग टेस्ट के माध्यम से होती है।
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सैलरी और सुविधाएं भी शानदार
सैलरी के मामले में भी ये पद काफी आकर्षक हैं।
- ARO की सैलरी पे लेवल-7 के तहत ₹44,900 से ₹1,42,400 प्रति माह होती है।
- RO की सैलरी पे लेवल-8 के अंतर्गत ₹47,600 से ₹1,51,100 तक जाती है।
इसके अलावा DA, HRA, मेडिकल भत्ता जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। कुछ वर्षों की सेवा के बाद सीनियर स्केल में प्रमोशन के साथ सैलरी और अधिक हो सकती है।
RO गजेटेड ऑफिसर, ARO नॉन-गजेटेड
UPPSC के नियमों के अनुसार, रिव्यू ऑफिसर (RO) क्लास 2 गजेटेड अधिकारी होते हैं। इन्हें सरकारी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार होता है। वहीं, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर (ARO) क्लास 3 नॉन-गजेटेड पद होता है। RO का पद ज्यादा जिम्मेदारी और प्रोमोशन के बेहतर अवसर प्रदान करता है।
RO और ARO का काम क्या होता है?
RO का काम सरकारी दस्तावेजों, नीतियों और रिपोर्ट्स की समीक्षा करना, फाइलें तैयार करना और नियमों के अनुसार प्रक्रिया को जांचना होता है। ARO, RO की मदद करता है और रिकॉर्ड तैयार करना, दस्तावेजों की जांच व टाइपिंग जैसे काम करता है। दोनों ही पद गोपनीयता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
प्रमोशन के साथ बेहतर करियर ग्रोथ
RO को सेवा के दौरान प्रमोशन के मौके मिलते हैं और वे डिप्टी सेक्रेटरी जैसे पद तक पहुंच सकते हैं। यह नौकरी न केवल स्थिरता देती है, बल्कि अच्छा वेतन और प्रतिष्ठा भी प्रदान करती है।
जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अब से ही गंभीरता से तैयारी शुरू कर दें। परीक्षा संबंधी अपडेट के लिए UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर नियमित रूप से विज़िट करते रहें।
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