Haryana BJP President: कितनी पढ़ी-लिखीं हरियाणा BJP की नई अध्यक्ष अर्चना गुप्ता? किस बात का मिला इनाम?
Haryana BJP President: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए गोल्ड मेडलिस्ट रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना गुप्ता को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह फैसला राज्य में चल रहे पार्टी में बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत कई जिलों में नए अध्यक्षों की घोषणा की गई है। डॉ. अर्चना गुप्ता इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा, पानीपत की जिलाध्यक्ष थीं और अब उन्हें पूरे राज्य की कमान सौंपी गई है।
बीजेपी ने फिर दिया सरप्राइज, अर्चना भी हैरान
डॉ. अर्चना गुप्ता के लिए यह जिम्मेदारी पूरी तरह अप्रत्याशित रही। उनके मुताबिक, वे कल रात तक पानीपत की जिलाध्यक्ष थीं, लेकिन अगली सुबह जब लगातार फोन कॉल्स और बधाई संदेश आने लगे, तब उन्हें पता चला कि अब वे प्रदेश अध्यक्ष बन चुकी हैं। इस नई जिम्मेदारी के बाद उनके निवास पर लगातार शुभकामनाएं देने वालों की भीड़ लगी हुई है।

गैर-जाट समुदाय से आने वाली महिला को कमान
हरियाणा की राजनीति लंबे समय से जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जहां जाट राजनीति का प्रभाव प्रमुख माना जाता रहा है। ऐसे माहौल में डॉ. अर्चना गुप्ता का गैर-जाट समुदाय से आगे आकर प्रदेश स्तर पर नेतृत्व संभालना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक संकेत माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति इस बात को भी दर्शाती है कि अब संगठनात्मक राजनीति में जातीय ढांचे के साथ-साथ योग्यता, प्रोफेशनल बैकग्राउंड और संगठनात्मक योगदान को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं के लिए राज्य में बड़ा कदम
हरियाणा उन राज्यों में शामिल है जहां महिला-पुरुष अनुपात (sex ratio) ऐतिहासिक रूप से देश के सबसे निचले स्तरों में रहा है। ऐसे राज्य में एक महिला का प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पद तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। डॉ. अर्चना गुप्ता की यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि राजनीतिक दल अब महिलाओं को संगठनात्मक नेतृत्व में आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां महिलाओं की भागीदारी पहले सीमित रही है।
दूसरी महिला जो बनी बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष
अर्चना गुप्ता प्रदेश की ऐसी दूसरी महिला हैं जो बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष चुनी गई हैं। इससे पहले कमला वर्मा 1980 से 1983 तक हरियाणा बीजेपी की कमान संभाल चुकी हैं। डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने शुरुआती जीवन के संघर्षों को साझा करते हुए पूर्व में दैनिक भास्कर को बताया था कि वे अपने परिवार की पहली लड़की थीं जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और डॉक्टर बनीं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें समालखा के एक छोटे से गांव से पढ़ाई के लिए बाहर भेजा, जो उस समय एक असामान्य और साहसी फैसला था।
डॉ. गुप्ता के मुताबिक,
“मैं अपने परिवार में पहली लड़की थी जो इतनी पढ़ी और डॉक्टर बनी। उस समय 8वीं या 10वीं के बाद लड़कियों की शादी कर दी जाती थी।”उन्होंने कहा कि यही अनुभव उनके जीवन में जिम्मेदारी और नेतृत्व की भावना को मजबूत करता रहा।
गांव-गांव तक बीजेपी को मजबूत करने का इनाम?
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता भाजपा संगठन को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर हर गांव तक मजबूत करना है। उनका लक्ष्य जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को बढ़ाना और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका में लाना है। शायद इस बात का इनाम उन्हें बीजेपी ने दिया है।
कितनी पढ़ी-लिखीं हैं अर्चना गुप्ता?
डॉ. अर्चना गुप्ता एक एमबीबीएस और एमडी (Radiology) डिग्रीधारी गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर हैं। उनका मेडिकल क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है और वे एक प्रतिष्ठित रेडियोलॉजिस्ट के रूप में जानी जाती हैं।
राजनीतिक अनुभव
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी डॉ. गुप्ता सक्रिय रही हैं। वे विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी रही हैं और 2013 से 2014 तक चिकित्सा प्रकोष्ठ की सह-संयोजक के रूप में कार्य किया। इसके अलावा 2014 में उन्हें इंडियन हेल्थ लाइन (हरियाणा) की राज्य उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बाद साल 2020 में उन्हें पानीपत जिले का अध्यक्ष बनाया गया था।
हरियाणा की राजनीति में महिला नेतृत्व का नया अध्याय
डॉ. अर्चना गुप्ता की यह नियुक्ति केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि हरियाणा की राजनीति में महिला नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी है। एक ऐसे राज्य में जहां महिला प्रतिनिधित्व और अनुपात दोनों ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे हैं, वहां उनका जिला अध्यक्ष बनना सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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