सच में रुक गई CBSE कॉपियों की री-चेकिंग? 23 मई की तारीख वाले वायरल सर्कुलर की इनसाइड स्टोरी

CBSE बोर्ड के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद लाखों छात्र अपने नंबरों की दोबारा जांच और कॉपियों की फोटोकॉपी के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा फर्जी सर्कुलर वायरल हो गया, जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। वायरल लेटर में दावा किया गया कि तकनीकी खराबी की वजह से इस साल री-इवैल्यूएशन और कॉपी फोटोकॉपी की प्रक्रिया बंद कर दी गई है।

कई लोगों ने इसे सच मानकर तेजी से शेयर करना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख CBSE बोर्ड को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। बोर्ड ने वायरल दस्तावेज को पूरी तरह फर्जी बताया है और छात्रों से अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि बोर्ड की सभी आधिकारिक प्रक्रियाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

CBSE

23 मई की तारीख वाला लेटर हुआ वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक कथित CBSE सर्कुलर तेजी से फैलाया गया। इस लेटर पर 23 मई 2026 की तारीख लिखी गई थी और ऊपर CBSE का लोगो भी लगाया गया था। पहली नजर में यह पूरी तरह असली लग रहा था, इसलिए बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक भ्रम में आ गए।

ये भी पढ़ें:@ NTA NEET UG Refund: साइबर कैफे से भरी थी फीस? तुरंत बदल लें बैंक अकाउंट डिटेल्स, ये रहा स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

वायरल लेटर में लिखा गया था कि री-इवैल्यूएशन और फोटोकॉपी सिस्टम में तकनीकी समस्या आ गई है। इसमें दावा किया गया कि काफी कोशिशों के बाद भी समस्या ठीक नहीं हो सकी, इसलिए इस साल की री-चेकिंग प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। साथ ही छात्रों के मौजूदा अंकों को ही अंतिम माना जाएगा।

फीस रिफंड का भी किया गया दावा

फर्जी सर्कुलर को भरोसेमंद दिखाने के लिए उसमें फीस वापसी का भी जिक्र किया गया। लेटर में कहा गया कि जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन या कॉपी फोटोकॉपी के लिए फीस जमा की है, उनके पैसे 15 वर्किंग दिनों के भीतर बैंक खाते में वापस कर दिए जाएंगे।

इसी दावे की वजह से कई लोग इसे असली आदेश समझ बैठे। व्हाट्सऐप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर यह लेटर तेजी से शेयर होने लगा और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया।

नकली हस्ताक्षर से लोगों को बनाया गया शिकार

फर्जीवाड़ा करने वालों ने सर्कुलर को असली दिखाने के लिए CBSE के परीक्षा नियंत्रक डॉ। संयम भारद्वाज के नकली हस्ताक्षर भी जोड़ दिए। लेटर के नीचे 23/5/26 की तारीख डालकर उसे आधिकारिक आदेश जैसा रूप देने की कोशिश की गई।

हुबहू सरकारी फॉर्मेट जैसा दिखने की वजह से लोग आसानी से भ्रमित हो गए। बाद में CBSE बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वायरल सर्कुलर की तस्वीर साझा की और उस पर बड़े अक्षरों में "FAKE" लिखकर साफ कर दिया कि यह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है।

बोर्ड ने छात्रों से क्या कहा

CBSE ने साफ किया है कि री-चेकिंग, री-इवैल्यूएशन और कॉपी फोटोकॉपी से जुड़ी प्रक्रिया रद्द नहीं हुई है। बोर्ड के मुताबिक सभी सेवाएं तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी और छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।

बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी लेटर या पीडीएफ पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी सूचना की पुष्टि केवल CBSE की आधिकारिक वेबसाइट से ही करें।

केवल ऑफिशियल वेबसाइट से लें जानकारी

CBSE प्रशासन ने कहा है कि बोर्ड से जुड़ी हर आधिकारिक घोषणा केवल उसकी वेबसाइट पर जारी की जाती है। इसलिए छात्र किसी भी अपडेट के लिए सिर्फ CBSE Official Website और CBSE Portal पर ही भरोसा करें।

ये भी पढ़ें: CBSE 12वीं के नंबरों से नहीं हैं खुश? आ गया री-चेकिंग-वेरिफिकेशन का शेड्यूल, आवेदन से पहले पढ़ लें गाइडलाइन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+