VASTU TIPS : कहीं घर के झगड़े का कारण आपका बाथरूम तो नहीं?
Vastu Tips For Bathroom: प्रत्येक घर का अनिवार्य हिस्सा होते हैं बाथरूम और टॉयलेट। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने का सोर्स माने गए हैं इसलिए बाथरूम और टॉयलेट में किसी प्रकार का दोष नहीं होना चाहिए वरना वहां से नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैलती है।

आइए जानते हैं बाथरूम-टॉयलेट के लिए कुछ नियम-
- घर में बाथरूम-टॉयलेट बनाने का सबसे उत्तम स्थान उत्तर-पश्चिम क्षेत्र होता है। यह क्षेत्र वेस्ट को बाहर निकालने की सबसे सही दिशा होती है।
- बाथरूम-टॉयलेट के दरवाजे हमेशा लकड़ी के होने चाहिए। धातु के दरवाजे नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं और इससे उस में रहने वालों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
- बाथरूम का दरवाजा हमेशा बंद रहना चाहिए। खुला दरवाजा नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में प्रवाहित करता है जो लोगों के करियर और निजी संबंधों पर नकारात्मक असर डालता है।
- बाथरूम के दरवाजों पर कोई भी डेकोरेटिव वस्तु या धार्मिक वस्तुएं चिह्न आदि नहीं लगाने चाहिए।
- बाथरूम-टॉयलेट के नल, शॉवर, गीजर के नल आदि में से किसी प्रकार का लीकेज नहीं होना चाहिए। पानी का टपकना अशुभ होता है और इससे घर में धन की तंगी हमेशा बनी रहती है।
- वास्तु के अनुसार टॉयलेट-बाथरूम की दीवार कभी भी पूजा घर, किचन, बेडरूम के साथ शेयर नहीं होना चाहिए। इससे बुरे स्वप्न और रोग आते हैं।
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- बाथरूम में वॉशबेसिन और शॉवर पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर होना चाहिए।
- बाथरूम फ्लोर का ढलान पूर्व, या उत्तर की ओर होना ठीक रहता है।
- बाथरूम में एक्जास्ट फेन पूर्व मुखी या उत्तर मुखी लगवाना चाहिए।
- टॉयलेट सीट उत्तर-पूर्व दिशा में लगवाना चाहिए।
- बाथरूम की दीवारों पर यदि टाइल्स लगवा रहे हैं या कलर कर रहे हैं तो यह काला या गहरा नीला लगवाने से बचना चाहिए। इसकी जगह ब्राउन, क्रीम कलर या हल्के शेड्स लगवाना चाहिए। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।












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