Shatruhanta yog: PM मोदी की कुंडली में है ये खास योग जो देता है विशेष ताकत
Shatruhanta Yog in Vedic Jyotish: दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जिनके शत्रुओं की कोई कमी नहीं है और उनमें से ऐसे लोग कम ही हैं जिनके नाम से शत्रु खौफ खाते हैं। इसकी प्रमुख वजह कुंडली में बनने वाला एक खास योग माना जाता है, जिसे 'शत्रुहंता योग' कहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि देश के मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में भी यही योग है।

कैसे बनता है यह योग
किसी कुंडली में अगर छठे भाव का स्वामी किसी भी प्रकार से नवम भाव के स्वामी के साथ संबंध बनाए तो यह योग बनता है। इसके लिए दोनों ग्रह एक साथ बैठे हों या उनका एक-दूसरे के साथ दृष्टि संबंध बनना चाहिए। जिनकी कुंडली में यह योग होता है तो दुश्मनों या विरोधियों को उनसे शिकस्त ही खानी पड़ती है। उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाता है। अगर इस योग में शामिल ग्रहों में मंगल शामिल हो व्यक्ति बेहद साहसी होता है, यानी वह जोखिम उठाने से बिल्कुल भी नहीं चूकता है। साथ ही ऐसे लोग अपने कार्यक्षेत्र में इतिहास रचते हैं। इस योग को लग्न कुंडली के साथ-साथ चंद्र कुंडली से भी देखा जाता है।
आधुनिक संदर्भ में ऐसे समझें
अगर आधुनिक संदर्भ में इस योग को देखें तो इसका वर्णन दूसरे रूप में भी किया जा सकता है। दरअसल, जिस दौर में वैदिक ज्योतिष में इन योगों का वर्णन किया गया था, उनकी तुलना में यह युग खासा अलग है। यह प्रतिस्पर्धा का दौर है, जिसका सामना आज हर क्षेत्र में करना पड़ता है। दूसरे शब्दों में कहें तो आधुनिक दौर में ऐसे व्यक्ति को हर प्रतिस्पर्धा में सफलता हासिल होती है।
मोदी की कुंडली में भी है शत्रुहंता योग
प्रधानमंत्री मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है, जिसमें मंगल लग्नेश होने के साथ-साथ छठे भाव का भी स्वामी है। वहीं चंद्रमा नवम भाव का स्वामी यानी भाग्येश है। कुंडली में ये दोनों ही ग्रह वृश्चिक लग्न में बैठे हैं, जो खुद मंगल की राशि है। इस योग के साथ-साथ मंगल का लग्न में होना उन्हें खासा साहसी बनाता है। यही वजह है कि उनके कमान संभालने के बाद भारत के प्रति दुनिया के प्रमुख देशों का नजरिया खासा बदला है।












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