Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Shani Vakri 2025: शनि की बदली चाल, संभलकर रहें सभी राशि के जातक वरना होगा तगड़ा नुकसान

Shani Vakri: ग्रहों के न्यायाधिपति और कर्मों के अनुसार मनुष्यों को उसका शुभाशुभ फल देने वाला शनि 138 दिनों के लिए वक्री हो रहा है। शनि 13 जुलाई को प्रात: 9 बजकर 40 मिनट पर मीन राशि में वक्री हुआ है और यह 28 नवंबर को प्रात: 9 बजकर 26 मिनट तक इसी राशि में वक्री रहेगा। शनि के वक्री होने के दौरान सभी राशि के जातकों को उसका विपरित फल मिल सकता है।

जिन लोगों को साढ़ेसाती चल रही है, लघु ढैया चल रहा है, जिनकी कुंडली में शनि नीच राशि में या वक्री बैठा हुआ है, उन्हें भी इसके विपरित परिणाम भोगने पड़ सकते हैं इसलिए सभी को संभलकर रहने की जरूरत है।

Shani Vakri 2025

शनि के वक्री होने का प्रभाव (Shani Vakri)

शनि के वक्री होने के कारण जातकों को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। चलते हुए काम अचानक थम सकते हैं, काम बिगड़ सकते हैं। आर्थिक संकट आ सकता है। रिश्तों में परेशानियां आ सकती है। मतभेद, विवादित स्थितियां, वाहन दुर्घटना जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मीन राशि में शनि के वक्री होने के कारण व्यक्ति एकांत महसूस कर सकते हैं। अकेले रहने का मन करेगा। यह आत्म विश्लेषण का भी समय रहेगा।

राशियों पर प्रभाव (Shani Vakri)

  • मेष : मेष राशि के लिए शनि द्वादश भाव में वक्री होगा। यह आपके लिए दशम और एकादश का स्वामी है। इसलिए स्पष्ट तौर पर करियर में उतार-चढ़ाव आएंगे। आर्थिक कष्ट परेशान करेगा। खर्च की अधिकता रहेगी। बीमारियां परेशान करेंगी।
  • वृषभ : आपके लिए शनि एकादश भाव में वक्री होगा और यह नवम-दशम का स्वामी रहेगा। भाग्य प्रभावित रहेगा। कार्यों में रुकावटें आएंगे। भाग्य साथ नहीं देगा। धन की तंगी महसूस होगी। कार्य क्षेत्र में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
  • मिथुन : आपके लिए शनि दशम भाव में वक्री होकर अष्टम और नवम भाव का स्वामी रहेगा। रोग परेशान करेंगे, वाहन-मशीनरी का प्रयोग करते समय सावधानी रखनी होगी। भाग्य कमजोर रहने से काम अटकेंगे। कार्य प्रभावित होगा।

वैवाहिक जीवन में संकट आ सकता है (Shani Vakri)

  • कर्क : शनि आपके लिए नवम भाव में वक्री होकर सप्तम और अष्टम का स्वामी रहेगा। वैवाहिक जीवन में संकट आ सकता है। वैचारिक मतभेद होंगे। शारीरिक रोग परेशान करेंगे। दुर्घटना की आशंका रहेगी। चलते-चलते काम अटक सकते हैं।
  • सिंह : शनि आपके अष्टम भाव में वक्री होकर छठे और सातवें घर का स्वामी रहेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। आपसे जलने वाले लोग काम बिगाड़ने का प्रयास करेंगे। साझेदारी के काम में विवाद हो सकता है। दांपत्य जीवन में परेशानी रहेगी।
  • कन्या : शनि आपके सप्तम भाव में वक्री होकर पांचवें और छठे भाव का स्वामी रहेगा। प्रेम संबंधों में मुश्किलें आ सकती हैं। पारदर्शी रहना होगा। शारीरिक कष्ट, बुखार, सिरदर्द, हड्डी के रोग आएंगे। संतान को कष्ट हो सकता है। दांपत्य में परेशानी।
  • तुला : शनि आपके छठे भाव में वक्री होकर चतुर्थ और पंचम का स्वामी रहेगा। सुखों में कमी आएगी। माता को कष्ट होगा। कार्यक्षेत्र में परेशानी, संतान को कष्ट, प्रेम संबंधों में तकरार रहेगी। शत्रु बेवजह परेशान करेंगे। रोगों पर पैसा खर्च होगा।

धन की तंगी, लग्जरी लाइफ में कमी आएगी (Shani Vakri)

  • वृश्चिक : शनि पांचवें भाव में वक्री हो रहा है। यह आपके तीसरे और चौथे घर का स्वामी है। कमजोर महसूस करेंगे। पराक्रम में कमी आएगी। भाई-बहनों से विवाद हो सकता है। धन की तंगी, लग्जरी लाइफ में कमी आएगी। प्रेम संबंध टूट सकता है।
  • धनु : शनि सुख स्थान में वक्री हो रहा है और यह दूसरे और तीसरे घर का स्वामी है। धन की तंगी तो रहेगी ही, आपकी खराब वाणी के कारण परेशानी उठानी पड़ सकती है। पारिवारिक विवाद होगा। दूसरों के सामने खुद को कमजोर महसूस करेंगे।
  • मकर : शनि आपके तीसरे भाव में वक्री हो रहा है और यह लग्न और दूसरे भाव का स्वामी है। शारीरिक-मानसिक कष्ट रहेंगे। कार्य अटकेंगे। कोई कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। धन की तंगी रहेगी। लोग आपसे बेवजह नाराज रहेंगे। रोग परेशान करेंगे।

किसी काम में मन नहीं लगेगा (Shani Vakri)

  • कुंभ : शनि आपके दूसरे भाव में वक्री होकर पहले और बारहवें भाव का स्वामी है। कोर्ट कचहरी के मामलों में फंस सकते हैं। खर्च भी अधिक होगा। कर्ज लेने की नौबत आएगी। पारिवारिक विवादों में उलझेंगे। मानसिक तनाव महसूस होगा।
  • मीन : शनि लग्न भाव में वक्री होकर एकादश और द्वादश भाव का स्वामी है। धन की तंगी तो रहेगी ही, कर्ज भी लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट परेशान करेंगे। किसी काम में मन नहीं लगेगा। नए कार्य करने का मन करेगा किंतु होंगे नहीं।

क्या करें (Shani Vakri)

शनि के वक्री रहने की अवधि में सभी राशि के जातक अपने कर्म ठीक रखें। हनुमानजी के नित्य दर्शन करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिदेव का तैलाभिषेक करें। शनि के चरणों में देखते हुए तेल चढ़ाएं। उनके नेत्रों में न देखें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+