कौन हैं बजरंग बांगड़ा? जिन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में दी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी? शानदार रहा है ट्रैक रिकॉर्ड
Bajrang Lal Bagra: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा को 06 जुलाई को स्वीकार कर लिया है। ट्रस्ट ने रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। पद संभालते ही कृष्ण मोहन ने साफ कहा कि चढ़ावा चोरी के दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा दिलाई जाएगी।
इधर ट्रस्ट में हुए इस बड़े बदलाव के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा उन चेहरों की है, जिन्हें आगे अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इन्हीं नामों में सबसे आगे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का नाम लिया जा रहा है। संगठन और प्रशासन, दोनों का लंबा अनुभव रखने वाले बागड़ा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा, उनका ट्रैक रिकॉर्ड क्या है और क्यों उन्हें ट्रस्ट में बड़ी भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।

आखिर कौन हैं बजरंग लाल बागड़ा? (Who is Bajrang Lal Bagra)
- राजस्थान के सीकर जिले के मूल निवासी बजरंग लाल बागड़ा हिंदूवादी संगठन विहिप के एक बेहद कद्दावर और पढ़े-लिखे चेहरे हैं।
- बजरंग लाल बागड़ा राजस्थान के सीकर जिले के मूल निवासी हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) हैं। संगठन संचालन, वित्तीय प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस का लंबा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री हैं।
- फरवरी 2024 में अयोध्या में आयोजित विहिप की प्रन्यासी मंडल और प्रबंध समिति की बैठक में इस पद के लिए चुने गए थे। इससे पहले विहिप में संयुक्त महामंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। एकल अभियान (Ekal Abhiyan) के अध्यक्ष और CEO भी रह चुके हैं।
नाल्को जैसी नवरत्न कंपनी के चेयरमैन का सफर
बजरंग लाल बागड़ा का प्रोफाइल किसी आम नेता जैसा नहीं है। बजरंग लाल बागड़ा सार्वजनिक क्षेत्र में लंबा प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। केंद्र सरकार के खान मंत्रालय के अधीन नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रह चुके हैं। नाल्को में इससे पहले डायरेक्टर (Finance) और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
नाल्को के शीर्ष पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद उन्होंने अपना पूरा समय समाज और संगठन के काम में लगाने का फैसला किया। विहिप में शामिल होने के बाद वह पहले राष्ट्रीय मंत्री बने और फिर अपनी काबिलियत के दम पर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री के पद तक पहुंचे।
जनसंख्या असंतुलन, धर्मांतरण और मंदिरों के वित्तीय प्रबंधन जैसे गंभीर और धार्मिक मामलों पर वह हमेशा से विहिप का पक्ष बेहद मजबूती और तर्कों के साथ देश के सामने रखते आए हैं।
बजरंग लाल बागड़ा को क्यों मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
अयोध्या दान चोरी कांड के बाद अब राम मंदिर के ट्रस्ट के साख को दोबारा मजबूत करने के लिए एक ऐसे चेहरे की जरूरत हो सकती है, जो वित्तीय मामलों का एक्सपर्ट हो। यही वजह है कि बजरंग लाल बागड़ा को ट्रस्ट में शामिल करने की बात चल रही है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के नाते वह मंदिर के खजाने और दान की पाई-पाई का सटीक हिसाब-किताब रखने में माहिर हैं। नवरत्न कंपनी के मुखिया के तौर पर बड़ी व्यवस्थाएं संभालने का उनका अनुभव ट्रस्ट के काम को सुव्यवस्थित करने में बेहद मददगार साबित होगा।














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