बड़े ही भोले-भाले होते हैं पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक

By: पं. गजेंद्र शर्मा
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नई दिल्ली। अपने जन्म नक्षत्र से व्यवहार और आचार-विचार जानने की श्रृंखला के दूसरे भाग में आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा और मघा नक्षत्र में जन्मे जातकों की जानकारी दी जा रही है।

वासना में डूबे रहते हैं रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोग

आर्द्रा

आर्द्रा

इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक बेहद नम्र स्वभाव वाले होते हैं, लेकिन इनका दिल बहुत मजबूत होता है। ये खराब परिस्थितियों में डगमगाते नहीं हैं। नम्र स्वभाव के कारण लोग इनका फायदा भी बहुत उठाते हैं। खर्च अधिक करते हैं। धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। आर्द्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति आमतौर पर इंजीनियर या मशीनरी से जुड़ा कोई काम करने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय 25 वर्ष की आयु के बाद होता है।

पुनर्वसु

पुनर्वसु

बुद्धिमान और विद्वान होते हैं पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक। इनके मित्रों की संख्या बहुत अधिक होती है और उनके बीच ये लोकप्रिय भी होते हैं। इन्हें अच्छी गुणवान संतानें प्राप्त होती है और संतानों के शुभ कार्यों से इनका सम्मान भी बढ़ता है। काव्य प्रेमी, माता-पिता की सेवा करने वाले और जीवन के प्रत्येक पल को आनंददायक रूप में जीने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय 24 वर्ष की आयु के बाद होता है।

पुष्य

पुष्य

पुष्य नक्षत्र में जिन जातकों का जन्म होता है वे परोपकारी, होशियार, धर्म में आस्था रखने वाले, हमेशा दूसरों के कार्य में मदद करने वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति बेहद चतुर किस्म के होते हैं। पर्दे के पीछे की बातों और घटनाओं का जान-समझ लेने की इनमें अद्भुत क्षमता होती है। शारीरिक रूप से भी सुंदर होते हैं। ईश्वर में इनकी अगाध श्रद्धा होती है। कवि, लेखक, पत्रकार, वकील, शिक्षक और अध्ययन में रुचि रखने वाले होते हैं। धन संपदा इनके पास अच्छी होती है। इनका भाग्योदय 25 वर्ष के बाद होता है।

अश्लेषा

अश्लेषा

इस नक्षत्र में जन्मे जातक दूसरों के कार्यों को देखकर उसकी नकल करने में माहिर होते हैं। इनमें अकड़ और गुरूर भी बहुत होता है। हमेशा अपना फायदा सोचते हैं और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। नेकी-बुराई की परवाह किए बिना अपना कार्य करते रहते हैं। इसलिए रिश्तेदारों और मित्रों से इनकी हमेशा अनबन बनी रहती है। कई मामलों में ये अत्याचारी, दुराचारी, बुरा आचरण करने वाले होते हैं। इनका भाग्योदय 30 वर्ष की आयु के बाद होता है।

मघा

मघा

इस नक्षत्र में जन्में जातक खुशहाल, धनवान होते हैं। जीवनसाथी से इनका प्रेम सदा बना रहता है। माता-पिता की सेवा करते हैं। चतुर, व्यवहार कुशल, व्यापार से लाभ उठाते हैं। हालांकि ये कामी होते हैं। इस नक्षत्र में जन्मी स्त्री है तो वह कई पुरुषों से संबंध स्थापित करती है और यदि पुरुष हो तो कई स्त्रियों से उसके संबंध बनते हैं। इनका भाग्योदय 25 वर्ष की आयु के बाद होता है। यदि कू्रर ग्रह की महादशा चल रही हो और उसमें सूर्य, मंगल और गुरु की अंतर्दशा के दौरान शत्रुओं से कष्ट पाते हैं।

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English summary
Pushya Nakshatra Born Child are Hard working, creative, tolerant of pain, intelligent, learned, liked by many, spiritual, intuitive wisdom.
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