Pink Moon 2024: आज आकाश में नजर आएगा 'पिंक मून, क्या चांद का रंग होगा गुलाबी? जानिए महत्व
Full Pink Moon 2024: आज चैत्र मास की पूर्णिमा है और आज ही लोग प्रभु हनुमान का जन्मोत्सव 'हनुमान जयंती' के रूप में भी मना रहे हैं। बता दें कि पूर्णिमा के दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और दान-पुण्य करते हैं।

माना जाता है कि ऐसा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है लेकिन आज इन दो बातों के साथ ही एक और अजब संयोग जुड़ा है, दरअसल आज आपको आकाश में 'पिंक मून' नजर आएगा।
क्या चांद का रंग होगा गुलाबी?
पूर्णिमा के दिन चांद वैसे भी अपने पूरे आकार में होता है लेकिन आज का चांद धरती के काफी करीब होगा और इसलिए काफी बड़ा और चमकीला दिखाई देगा लेकिन 'पिंक मून' कहने से इसका रंग गुलाबी नहीं होने वाला है।
दरअसल ये सिर्फ नाम है, जो कि कनाडा के फूल के नाम पर रखा गया है। इसका चांद के रंग से कोई लेना-देना नहीं है, हालांकि पृथ्वी के बेहद करीब होने की वजह से चांद सिल्वर सा जरूर दिखाई देगा और आज इसकी चमक रोजाना की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा दिखाई देगी तो वहीं ये आकार में भी 40 प्रतिशत ज्यादा बड़ा नजर आएगा।
'फिश मून' और 'फेस्टिव मून'...
हालांकि पूर्णिमा के चांद को अलग-अलग देशों में अलग-अलग नाम से भी पुकारते हैं। कहीं इसे 'सुपरमून' कहा जाता है तो कहीं इसे 'फिश मून' और 'फेस्टिव मून' कहते हैं। इसे आप नग्न आंखों से देख सकते हैं। आज आकाश में 'पिंक मून' सुबह 03:24 पर प्रकट हो चुका है जो कि बुधवार, 05:18 तक रहेगा लेकिन अभी चूंकि हमारे देश में दिन है इसलिए अभी लोग इसका दीदार नहीं कर पा रहे हैं।
'पिंक मून' का दर्शन शाम 6:24 पर होगा
हमारे यहां 'पिंक मून' का दर्शन शाम 6:24 पर होगा क्योंकि हमारे यहां चंद्रोदय का वक्त आज शाम 6 बजकर 24 मिनट है जो कि अगले दिन 5 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। वैसे तो ये एक खगोलीय घटना है लेकिन हमारे यहां चंद्रमा की पूजा की जाती है, चांद को भगवान शिव का गहना माना जाता है, जो कि शीतलता प्रदान करता है।
आज के दिन लोग व्रत रखते हैं और अपने और अपने परिवार के लिए सुख, शांति की कामना करते हैं, जिन्हें चंद्रदोष होता है, वो तो आज के दिन जरूर चांद की पूजा विशेष आरती के साथ करते हैं, ऐसा माना जाता है कि आज के दिन चंद्रमा की आरती करने से इंसान चंद्रदोष से तो मुक्त होता ही है, साथ ही उसे सुख और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है।
चंद्रमा की आरती (Chandra Dev Aarti)
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
- दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी ।
- रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।
- दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी ।
- जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
- सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि ।
- योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें ।
- ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, सन्त करें सेवा ।
- वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी ।
- प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी ।
- शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी ।
- धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे ।
- विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी ।
- सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें ।
- ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।
Disclaimer: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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