'टीडीपी प्रमुख का जेल लौटना तय', नायडू की जमानत पर वाईएसआरसी का पलटवार
हाईकोर्ट ने कौशल विकास मामले में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को अंतरिम जमानत दे दी है। जिसके बाद से टीडीपी में जश्न का माहौल है। इस पर वाईएसआरसी के महासचिव और सरकारी सलाहकार (सार्वजनिक मामले) सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने निशाना साधा है।
मीडिया से बात करते हुए सज्जला ने कहा कि अदालत को मामले की योग्यता पर विचार करना बाकी है और जमानत केवल स्वास्थ्य आधार पर दी गई थी। अदालत ने नायडू की आंख की सर्जरी की सुविधा के लिए सशर्त जमानत दी है। उन्हें चार हफ्ते बाद कोर्ट में सरेंडर करना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि जश्न अनावश्यक है क्योंकि मामले में नायडू की बेगुनाही अभी भी अदालत में साबित नहीं हुई है।
'सीएम जगन ने कभी सिस्टम मैनेज नहीं किया'
उन्होंने आगे कहा कि टीडीपी नेता मामले की खूबियों के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। टीडीपी ये कैसे कह सकती है कि मामले की जांच के तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ही नायडू को अंतरिम जमानत मिलने से सच्चाई सामने आ गई है?
उन्होंने टीडीपी पर 70 वर्षीय व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में अनावश्यक शोर मचाकर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नायडू का परिवार यह दावा कैसे कर सकता है कि त्वचा संबंधी बीमारी जीवन के लिए खतरा है? नायडू नियमित जमानत की कोशिश करने के बजाय मोतियाबिंद सर्जरी का बहाना लेकर आए।












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