INDIA Bloc Meeting: संसद से सड़क तक सरकार को घेरने का प्लान तैयार, विपक्ष की दिल्ली बैठक में क्या तय हुआ?
INDIA Bloc Meeting Delhi: हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रमुक (DMK) जैसे क्षेत्रीय दलों को मिले झटकों के बाद, विपक्षी खेमे ने नए सिरे से अपनी रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार, 8 जून 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) की अगुवाई में हुई इस 'INDIA' गठबंधन (INDIA Bloc Meeting) की बैठक में कुल 25 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया।

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और उन्होंने भी सभी प्रस्तावों पर अपनी सहमति जताई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि देश के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक हालात को देखते हुए गठबंधन ने एक सुर में 5 मुख्य और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
INDIA गठबंधन की बैठक के 5 सबसे बड़े फैसले
विपक्षी दलों ने केंद्र की भाजपा सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने के लिए पांच रणनीतियों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई है:
1. चुनाव में धांधली और वोट लूट के खिलाफ CJI को पत्र
गठबंधन ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी शुचिता पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। खड़गे ने बताया कि चुनाव में कथित धांधली, वोट लूट और 'चुनाव चोरी' (Stealing Election) जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर विपक्षी दल भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक संयुक्त पत्र भेजेंगे। यह पत्र बहुत जल्द शीर्ष अदालत को सौंप दिया जाएगा, जिसमें निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
2. शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग
देश में परीक्षाओं के आयोजन और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। INDIA गठबंधन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए देश के शिक्षा मंत्री से तुरंत अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
3. गिरती अर्थव्यवस्था और महंगाई पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की चेतावनी
गठबंधन ने मांग की है कि केंद्र सरकार को देश की नाजुक आर्थिक स्थिति (Precarious Economic Situation), किसानों के गंभीर संकट, बेरोजगारी और आसमान छूती महंगाई (Price Rise) जैसे जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तुरंत एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलानी चाहिए।
4. हर दो महीने में होगी बैठक, अगला पड़ाव हैदराबाद
गठबंधन के भीतर आपसी समन्वय और एकजुटता को और मजबूत करने के लिए अब नेता नियमित अंतराल पर मिलेंगे। यह तय किया गया है कि INDIA ब्लॉक के सभी घटक दल हर दो महीने में एक बार समीक्षा बैठक करेंगे। इस कड़ी में अगली बड़ी बैठक अगस्त 2026 में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
5. संसद के भीतर रोज बनेगा 'एक्शन प्लान'
संसद सत्र के दौरान सरकार को प्रभावी ढंग से घेरने के लिए फ्लोर मैनेजमेंट पर विशेष जोर दिया गया है। आगामी सत्रों के दौरान विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए संसद में रोजाना समन्वय बैठकें (Parliament Coordination) आयोजित की जाएंगी, ताकि विपक्ष एक सुर में सरकार से जवाब मांग सके।
आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने की कवायद
यह बैठक विपक्षी खेमे के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी। हाल ही में संपन्न हुए राज्यों के विधानसभा चुनावों में कुछ क्षेत्रीय दिग्गजों को करारी हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन के भीतर बिखराव की अटकलें तेज थीं। बैठक की शुरुआत में नेताओं ने आंतरिक मतभेदों को दूर करने और भाजपा (BJP) के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट विकल्प पेश करने पर लंबी चर्चा की।
कर्नाटक कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य (MLC) नागराज यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा-"यह बैठक देश के लिए बेहद जरूरी थी क्योंकि जनता इस वक्त महंगाई और बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्याओं से जूझ रही है। एक जिम्मेदार और रचनात्मक विपक्ष (Constructive Opposition) होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें और देश के मुद्दों को मजबूती से उठाएं।"
इसके साथ ही विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा क्षेत्रीय नेताओं, विशेषकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ किए जा रहे कथित 'खराब व्यवहार' की भी कड़ी निंदा की। इस महामंथन से साफ है कि आने वाले दिनों में देश की राजनीति और संसद के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने वाला है।














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