अमरावती में गरीबों के आवास आवंटन पर बोले सज्जला रेड्डी, कहा- गरीब को भी राजधानी में रहने का अधिकार

अमरावती में गरीबों को आवास स्थलों के आवंटन पर वाईएसआरसी के महासचिव और सरकारी सलाहकार (सार्वजनिक मामले) सज्जला रामकृष्ण रेड्डी का बयान।

Sajjala

आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में गरीबों को आवास स्थलों के आवंटन पर हाई कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए वाईएसआरसी के महासचिव और सरकारी सलाहकार (सार्वजनिक मामले) सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि यह स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों को राज्य में कहीं भी रहने का अधिकार है, जिसमें राजधानी भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि कुछ लोग यह कहते हैं कि सरकार द्वारा बनाई जा रही राजधानी में गरीब नहीं रह सकते हैं। सज्जला ने अमरावती में गरीबों को आवास आवंटन के खिलाफ अदालत में इस तरह की याचिका दायर करने को याचिकाकर्ताओं की ओर से एक दुस्साहस करार दिया।

उन्होंने कहा सरकार राज्य भर में 31 लाख लोगों को आवास स्थल आवंटित कर रही है। उच्च न्यायालय के फैसले के साथ यह राजधानी क्षेत्र में भी गरीबों को घर की जगह की अनुमति देगा। हम जल्द ही पात्र गरीबों को घर की जगह आवंटित करना शुरू कर देंगे। हम लाभार्थियों के लिए जल्द से जल्द घरों का निर्माण शुरू करने का भी प्रयास करेंगे।

सज्जला ने याचिकाकर्ताओं को यह बताने में गलती पाई कि राजधानी क्षेत्र में गरीबों को घर के आवंटन से जनसांख्यिकीय असंतुलन होगा। उन्होंने टिप्पणी की, "यह फैसला उन लोगों के चेहरे पर एक तमाचा है, जिन्होंने इस तरह की टिप्पणियां की हैं।"

राजधानी क्षेत्र में 50,000 से अधिक लोगों ने आवास स्थलों के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि राजधानी क्षेत्र, जो अब सुनसान दिखता है, जल्द ही फलेगा-फूलेगा। सज्जला ने वाम दलों की भी आलोचना की, जो भूमिहीनों के लिए जमीन के लिए लड़ते हैं, जिन्होंने राजधानी क्षेत्र में गरीबों को घर के आवंटन का विरोध करने वालों का पक्ष लिया।

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