'आंध्र प्रदेश में महिला आरक्षण कोटा 50% से अधिक', राज्यसभा में बोले YSRC सांसद वी विजयसाई रेड्डी
राज्यसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बोलते हुए वाईएसआरसी सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश महिलाओं एक तिहाई नहीं बल्कि आधे यानी 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आंध्र के स्थानीय निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के स्थानीय निकायों में कुल 688 महिलाएं हैं।
वाईएसआरसी सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने शुक्रवार को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक को अपनी पार्टी का समर्थन देते हुए कहा कि महिलाओं को केवल 33% आरक्षण नहीं बल्कि बराबरी का हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है।

राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान वाईएसआरसी सांसद ने कहा, "संविधान में 73वें और 74वें संशोधन के तहत पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने में सीमा पार कर ली है। वहां महिला आरक्षण सिर्फ 33% तक सीमित नहीं है, बल्कि 50% से अधिक है। स्थानीय निकायों में कुल 1,356 नामांकित व्यक्तियों में से 688 महिलाएं हैं, जो कि 51 प्रतिशत है।
सांसद वी विजयसाई ने आगे कहा कि राज्य में 13 जिला परिषद अध्यक्षों में से सात महिलाएं हैं। यानी लगभग 54% और 26 उपाध्यक्षों में से 15 भी महिलाएं हैं यानी 58%। महापौर की सीटों की बात करें तो राज्य में कुल 36 महापौरों और उपमहापौरों में से 18 महिलाएँ हैं, जो 50% है। वहीं 2,124 नगरपालिका वार्ड सदस्यों में से 1,161 महिलाएं (50%), एमपीटीसी में 54%, मंडल परिषद अध्यक्षों में 53% और ZPTC सदस्यों में 53% महिलाएं हैं। इसके अलावा, वार्ड और ग्राम स्वयंसेवकों में से 53% और ग्राम और वार्ड सचिवालयों में 51% अधिकारी भी महिलाएं हैं।
वाईएसआरसी सांसद ने राज्यसभा में कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण एक तिहाई से भी अधिक होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आंध्र प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को आरक्षण दिया जा सकता है तो केंद्र में क्यों नहीं?












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