कैंसर से जंग जीत सकते हैं हम, WHO ने कहा- इन उपायों से समय पर रोके जा सकते हैं 50% केस
नई दिल्ली, 5 फरवरी। 'विश्व कैंसर दिवस' के मौके पर शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बताया कि दुनिया में सबसे ज्यादा होने वाली मौत की वजहों में कैंसर भी एक बड़ा कारण है। यह बीमारी लगातार गंभीर रूप धारण करती जा रही है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पिछले साल 2021 में दुनियाभर के करीब 2 करोड़ लोगों में इस बीमारी का पता चला, इसी वर्ष कैंसर से 1 करोड़ लोगों की मौत भी हुई। हालांकि डब्ल्यूएचओ का यह भी कहना है कि 30% से 50% कैंसर के मामलों को समय पर रोका जा सकता है, इसके बावजूद इस बीमारी का बोझ बढ़ रहा है।

डब्ल्यूएचओ ने खासकर एशिया क्षेत्र के देशों कैंसर के जोखिम को कम करने, बीमारी का जल्दी पता लगाने, उसका इलाज करने और मरीजों की देखभाल को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। खासकर कोविड महामारी ने दवाओं के वितरण और कैंसर की देखभाल सेवाओं पर काफी असर डाला है। इससे कैंसर पीड़ित लोगों की समस्याओं के साथ गंभीर बीमारी और मौत का जोखिम भी काफी बढ़ गया है।
कैंसर से 2020 में लगभग एक करोड़ लोगों की जान चली गई। डब्ल्यूएचओ की मानें तो दक्षिण-पूर्व एशिया में ही 2020 में अनुमानित 22 लाख कैंसर के नए मामलों का पता चला और 14 लाख कैंसर से संबंधित मौतों की खबर मिली। मतलब इस क्षेत्र में हर 10 में 1 से अधिक मौतों के लिए यह बीमारी जिम्मेदार है। कैंसर से होने वाली मौतों में फेफड़ों के कैंसर से 10.6%, स्तन कैंसर से 9.4%, सर्वाइकल कैंसर से 8%, लीवर से 6.6% और होंठ, मुंह के कैंसर से 6.4% मौतें हुईं। इस क्षेत्र में पुरुषों में दो सबसे आम कैंसर हैं- मुंह और फेफड़ों के कैंसर। ये तंबाकू के उपयोग, सुपारी चबाने और धूम्रपान से जुड़े हैं। इनकी रोकथाम की जा सकती है।
इस तरह लड़ी जा सकती है जंग
कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की रोकथाम और उपचार 2014 से इस क्षेत्र में एक प्रमुख प्राथमिकता रही है। देश आवश्यक एनसीडी सेवाओं में सुधार के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। कैंसर निवारक उपायों में हेपेटाइटिस बी टीकाकरण शामिल है। इतना ही नहीं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के लिए स्क्रीनिंग, HPV टीकाकरण, अच्छी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना, तंबाकू, शराब और शुगर ड्रिंक्स पर टैक्स लगाना और तंबाकू को कंट्रोल करना भी इनमें शामिल हैं। सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। अगस्त 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने का आह्वान करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग का रोल अहम है। कुछ देशों ने सर्वाइकल कैंसर रोकने के लिए किशोर लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण शुरू किया है।
महिलाओं में भी बढ़ी बीमारी
WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में मामलों की संख्या के मामले में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। अगस्त 2020 में, विश्व स्वास्थ्य सभा ने एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने का आह्वान करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। रणनीति देशों से प्रति 100 000 महिलाओं पर 4 से कम मामलों की घटनाओं तक पहुंचने का आह्वान करती है। क्षेत्र के 11 सदस्य देशों में से 9 में जनसंख्या आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम हैं। कुछ देशों ने सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए किशोर लड़कियों के लिए एचपीवी टीकाकरण शुरू किया है।
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बीमारी का इलाज कराना भी मुश्किल
डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह का कहना है कि हमें जीवन बचाने और कैंसर से पीड़ित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के प्रयासों पर फोकस करना चाहिए। देखभाल बढ़ाना और कमियां दूर करना इस बार विश्व कैंसर दिवस की थीम है। यह थीम इसलिए भी प्रासंगिक है क्योंकि आज आर्थिक असमानता बढ़ी है, जिससे कई लोगों के लिए इस बीमारी का इलाज कराना भी मुश्किल हो गया है।
बच्चों में तेजी से बढ़ रही बीमारी
पिछले साल, WHO ने 2030 तक कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए कम से कम 60% का जीवन बचाने की दर तक पहुंचने, बीमारी को कम करने और एक मिलियन अतिरिक्त बच्चों जीवन बचाने के उद्देश्य से देशों को प्रभावी बचपन के कैंसर कार्यक्रम बनाने में मदद करने के लिए नए उपकरण लॉन्च किए। विश्व स्तर पर, अनुमानित 400 000 बच्चों को हर साल कैंसर का पता चलता है।
कोरोना के साथ लड़नी होगी कैंसर से जंग
'क्लोज द केयर गैप' आज मनाए जा रहे इस वर्ष के विश्व कैंसर दिवस का विषय है। कोरोना वायरस महामारी के बीच कैंसर के साथ जंग और अधिक कठिन हो गया। महामारी के बीच कई लोगों तक उचित उपचार, देखभाल और उपचार सेवाओं तक पहुंचना कठिन हो गया है। डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने आगे कहा, 'जैसे कई देश वापस खड़े होते हैं और सार्वजनिक खर्च को प्राथमिकता देते हैं। हमारे पास एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कैंसर का जल्द पता लगाने, उसकी वजह, उपचार और देखभाल के लिए स्वास्थ्य सेवा उपकरणों तक समान पहुंच प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर है। जहां स्वस्थ जीवन के साथ हर कोई खुश रह सकता है।
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