Aaj Ka Panchang: द्वादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र, क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj Ka Panchang: पंचांग का प्रयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथि तय करने, व्रत-उपवास करने और ग्रहों की स्थिति जानने के लिए किया जाता है। आइए जानते हैं कि आज के पंचांग में क्या खास है?

सूर्योदय और चंद्रोदय 🌅🌙
| सूर्योदय | सुबह 05:08 | सूर्यास्त | शाम 6:42 |
| चंद्रोदय | 04:17 अपराह्न | चंद्रास्त | 29 मई, सुबह 03:16 बजे |
कैलेंडर 🙏
| तिथि | द्वादशी (सुबह 7:56 बजे तक) | नक्षत्र | चित्रा (सुबह 8:08 बजे तक) |
| त्रयोदाशी | स्वाति | ||
| योग | वरियाणा प्रातः 03:55 बजे तक, 29 मई | करण | बलवा सुबह 7:56 बजे तक |
| परिघा | कौलावा (रात 8:51 बजे तक) | ||
| काम करने के दिन | गुरुवार | शीर्षक | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर 📅
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थ | सम्वत्सर | सिद्धार्थी अपराह्न 03:53 बजे तक, 21 अप्रैल, 2026 |
| शक संवत | 1948 पराभाव | रौद्रा | |
| गुजराती संवत | 2082 पिंगला | चंद्रमासा | ज्येष्ठा (अधिक) - पूर्णिमांता |
| दाएँ/द्वार | 14 | ज्येष्ठ (अधिक) - अमंता |
विक्रम संवत 2083 का मंत्री मंडल 👑
| राजा | गुरु 👑 - राजा | अध्यक्ष | चंद्र ⚔️ - सेनापति |
| मंत्री | मंगल ⚜️ - मंत्रिमंडल मंत्री | धन्याधिपति | बुद्ध 🌻 - रबी फसलें |
| सस्यधिपति | गुरु 🌾 - खरीफ फसलें | मेघाधिपति | चंद्र 🌧 - बादल और बारिश |
| धनवान | गुरु 💰 - धन और अर्थव्यवस्था | अप्रसन्न | गुरु 🪙 - धातु और खनिज |
| रसाधिपति | शनि 🍯 - रस और तरल पदार्थ | फलाधिपति | चंद्र 🍎 - फल और फूल |
राशि और नक्षत्र ✨
| राशि | तुला | नक्षत्र पाद | चित्रा (सुबह 8:08 बजे तक) |
| सूर्य राशि | वृषभ | स्वाति दोपहर 2:44 बजे तक | |
| सूर्य नक्षत्र | रोहिणी | स्वाति, रात 9:21 बजे तक | |
| सूर्य पाद | रोहिणी, 29 मई, सुबह 03:05 बजे तक | स्वाति, 29 मई, सुबह 03:59 बजे तक | |
| रोहिणी | स्वाति |
रितु और आयना ☀️
| ड्रिक रितु | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | दिनमाना | 13 घंटे 33 मिनट 55 सेकंड |
| वैदिक अनुष्ठान | ग्रीष्मा (ग्रीष्मकालीन) | रात्रिमाना | 10 घंटे 25 मिनट 50 सेकंड |
| ड्रिक अयाना | उत्तरायण | मध्य | सुबह 11:55 बजे |
| वैदिक आयन | उत्तरायण |
शुभ समय 🌟
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 3:45 से 4:27 तक | प्रतः संध्या | सुबह 04:06 से 05:08 तक |
| अभिजीत | सुबह 11:28 से दोपहर 12:22 तक | विजय मुहूर्त | दोपहर 2:11 से दोपहर 3:05 तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 6:41 से शाम 7:02 तक | सयाहना संध्या | शाम 6:42 से शाम 7:45 तक |
| अमृत कलाम | 29 मई, रात 12:55 बजे से 29 मई, सुबह 02:41 बजे तक | निशिता मुहूर्त | 29 मई, रात 11:34 से 12:16 बजे तक |
अशुभ समय ⛔
| राहु कलाम | दोपहर 1:37 से दोपहर 3:19 तक | यामागंडा | सुबह 5:08 से 6:50 तक |
| गुलिकाई कलम | सुबह 8:32 से 10:14 तक | दुर् मुहूर्त | सुबह 9:40 से 10:34 तक |
| वर्ज्यम | दोपहर 2:19 से शाम 4:05 तक | दोपहर 3:05 बजे से शाम 4:00 बजे तक | |
| बाना | राजा शाम 6:45 बजे से पूरी रात तक |
निवास और स्कूल 🧭
| घर | शनि ♄ | दिशा स्कूल | दक्षिण |
| अग्निवास | पटाला (नादिर) सुबह 7:56 बजे तक | चंद्र वासा | पश्चिम |
| पृथ्वी | राहु वासा | दक्षिण | |
| शिववास | कैलाश पर्वत पर सुबह 7:56 बजे तक | कुंभ चक्र | पश्चिम |
| नंदी पर |
अन्य कैलेंडर और युग 🗓️
| कलियुग | 5127 वर्ष | लाहिरी अयनांश | 24.232654 |
| काली अहर्गना | 1872723 दिन | दर डाई | 739764 |
| जूलियन कैलेण्डर का दिन | 15 मई, 2026 ईस्वी | जूलियन डे | 2461188.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक तिथि | ज्येष्ठ 7, 1948 शक | संशोधित जूलियन डे | 61188 दिन |
| राष्ट्रीय निरयण तिथि | ज्येष्ठ 14, 1948 शक |
चंद्रबलम और ताराबलम ✨
| अगले दिन सूर्योदय तक अच्छा चंद्रबलम: मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर। *मीना राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र। * पूर्वा भाद्रपद के लिए अष्टम चंद्र अंतिम पद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती का जन्म। | प्रातः 08:08 बजे तक शुभ ताराबलम: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती। अगले दिन सूर्योदय तक शुभ ताराबलम्: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशीर्ष, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद। |
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न 🕰️
दिन के लिए पंचक रहित मुहूर्त:
| दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त:
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दिन के त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
| पुरूषोत्तम मास दिन 12, पद्मिनी एकादशी पारण, अग्नि नक्षत्र समाप्त, गुरु प्रदोष व्रत |
नोट: सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में दिखाए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया जाता है। पंचांग में, एक दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।












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